Goga Navmi 2025 Kab Hai: 17 अगस्त को करें गोगादेव की पूजा, दूर होगा सर्प भय

Published : Aug 15, 2025, 05:25 PM IST
Goga-Navmi-2025

सार

Goga Navmi 2025 Date: भाद्रपद मास में अनेक व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं, गोगा नवमी भी इनमें से एक है। बहुत कम लोग गोगादेव के बारे में जानते हैं। इनकी पूजा मुख्य रूप से राजस्थान व मध्य प्रदेश में होती है।

Goga Navmi 2025 Kab Hai: धर्म ग्रंथों में भाद्रपद मास का विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि इस महीने में अनेक व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। इसी मास में गोगा नवमी का पर्व भी मनाया जाता है। ये पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। बहुत कम लोग गोगादेव के बारे में जानते हैं। वास्तव में गोगदेव राजस्थान के एक लोकदेवता हैं, जिनकी पूजा वाल्मीकि समाज के लोग करते हैं। कहते हैं गोगादेव की पूजा से सर्प भय से मुक्ति मिलती है। आगे जानिए कब है गोगा नवमी…

ये भी पढ़ें-

Palmistry: लाखों में किसी 1 की हथेली में होती है ये रेखा, रंक को भी बना सकती है राजा!

 

कब है गोगा नवमी 2025?

पंचांग के अनुसार, इस बार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि 16 अगस्त, शनिवार की रात 09 बजकर 34 मिनिट से शुरू होगी, जो 17 अगस्त, रविवार की शाम 07 बजकर 24 मिनिट तक रहेगी। चूंकि 17 अगस्त के पूरे दिन नवमी तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन गोगा नवमी का पर्व मनाया जाएगा।

ये भी पढ़ें-

शारदीय नवरात्रि कब से, 22 या 23 सितंबर? नोट करें सही डेट

 

कौन थे गोगादेव?

प्रचलित कथाओं के अनुसार, गोगादेवजी का जन्म विक्रम संवत 1003 में चौहान राजवंश में हुआ था। गोगादेवजी के पिता का नाम ठाकुर जेवरसिंह और माता का नाम बाछल कंवर था। गोगादेव गुरु गोरखनाथ के परम शिष्य थे। गोगादेव को सांपों के देवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि इनकी पूजा से सर्प काटने का भय नहीं रहता। गोगा नवमी पर राजस्थान के गोगामेढ़ी में हर साल विशाल मेला भी लगता है, जहां सभी धर्म के लोग गोगादेव की पूजा करते हैं।

कैसे करें गोगादेव की पूजा?

- 17 अगस्त, शनिवार की सुबह स्नान आदि करने के बाद गोगादेव के मंदिर जाएं या घर में ही प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर पूजन करें।
- गोगादेव को कुंकुम, चावल, फूल और जल चढ़ाएं। इसके बाद खीर, चूरमा, या हलवे का भोग अपनी इच्छा अनुसार लगाएं। चने की दाल भी जरूर चढ़ाएं।
- इसके बाद शुद्ध घी का दीपक जलाएं व फूलों का हार पहनाएं। परिवार सहित गोगादेवजी की आरती भी करें।
- मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से नागों के देव गोगा जी महाराज की पूजा करते हैं उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV

पूजा व्रत कथा: Read everthing about Puja Vrat Katha, Puja Vrat Muhurat, tyohar and puja vidhi for Hindu festivals at Asianet news hindi

Read more Articles on

Recommended Stories

Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी व्रत कब? जानें पूजा विधि, मंत्र और शुभ मुहूर्त
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर कैसे करें पूजा, कौन-सा मंत्र बोलें? जानें शुभ मुहूर्त