
Gudi Padwa 2024 Details: धर्म ग्रंथों के अनुसार, हिंदू नववर्ष की शुरूआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। हिंदू नववर्ष का उत्सव देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न परंपराओं और नामों के साथ मनाया जाता है। महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा कहते हैं। गुड़ी का अर्थ है विजय ध्वज। गुड़ी पड़वा से जुड़ी कई मान्यताएं और परंपराएं हैं, जो इसे और भी खास बनाती हैं। आगे जानिए साल 2024 में गुड़ी पड़वा कब है और इससे जुड़ी अन्य खास बातें…
कब है गुड़ी पड़वा 2024? (When is Gudi Padwa 2024)
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, इस बार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल 2024 की रात 11:50 से शुरू होगी, जो अगले दिन यानी 09 अप्रैल की रात 08:31 तक रहेगी। चूंकि चैत्र प्रतिपदा तिथि का सूर्योदय 9 अप्रैल, मंगलवार को होगा, इसलिए इसी दिन गुड़ी पड़वा पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन से हिंदू नववर्ष 2081 भी शुरू हो जाएगा और चैत्र नवरात्रि भी इसी दिन से शुरू होगी।
क्यों मनाते हैं गुड़ी पड़वा? (Why do we celebrate Gudi Padwa?)
जब भारत पर मुगलों का शासन था, उस समय हिंदू धर्म के अनुयायियों को बहुत प्रताड़ित किया जाता था। उस समय मराठा वीर शिवाजी महाराज ने मुगलों के खिलाफ हथियार उठाया और एक विशाल सेना तैयार की। शिवाजी महाराज ने मुगलों के अधिकार से कई किले जीत लिए, जिससे हिंदुओं में एक नए उत्साह का संचार हुआ। मुगलों की जीत की खुशी में महाराष्ट्रवासियों ने विजय उत्सव मनाया और घर-घर में विजय का प्रतीक गुड़ी सजाई। तभी से गुड़ी पर्व मनाया जा रहा है।
नोट करें गुड़ी बांधने का शुभ मुहूर्त (Gudi Padwa 2024 Shubh Muhurat)
गुड़ी पड़वा के दिन सुबह-सुबह ही घरों पर गुड़ी सजाने का महत्व है। मान्यता है कि इस दिन घर में गुड़ी सजाने से साल भर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। गुड़ी बांधने का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है-
- सुबह 06:02 से 10:16 तक
(इसकी कुल अवधि 04 घण्टे 14 मिनट तक रहेगी)
- सुबह 11:57 से दोपहर 12:48 तक
(ये अभिजीत मुहूर्त रहेगा, इसका समय सिर्फ 51 मिनट तक है।)
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Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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