
उज्जैन. इस बार महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2023) का पर्व 18 फरवरी, शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करेन के लिए कई तरह के उपाय करते हैं। कोई व्रत करता है तो कोई पूजा करता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, शिव की कृपा पाने के लिए रुद्राभिषेक (Rudrabhishek) भी एक सरल माध्यम है। जय दुर्गा ज्योतिष सेवा संस्थान एवं अनुष्ठान केंद्र मंदसौर के ज्योतिषाचार्य पं. यशवंत जोशी के अनुसार, रुद्राभिषेक का सीदा अर्थ है शिवलिंग पर रुद्र मंत्रों के द्वारा किसी द्रव्य जैसे पानी आदि से अभिषेक करना। इस उपाय से हर तरह की परेशानी दूर हो सकती है। आगे जानिए क्या है रुद्राभिषेक और इससे क्या फल मिलते हैं…
जानें क्या होता है रुद्राभिषेक?
ज्योतिषाचार्य पं. जोशी के अनुसार, रुद्राष्टाध्यायी के 8 अध्यायों में कुल 176 मंत्र हैं, इन्हीं मंत्रों के द्वारा भगवान रूद्र यानी शिव का अभिषेक किया जाता है। इसे ही रुद्राभिषेक कहते हैं। अभिषेक शब्द का शाब्दिक अर्थ है स्नान कराना। ग्रंथों में अलग-अलग इच्छाओं के लिए विभिन्न द्रव्यों से शिवलिंग के रुद्राभिषेक के बारे में बताया गया है। जानिए किस कामना के लिए किस द्रव्य से रुद्राभिषेक करना चाहिए…
1. मानसिक शांति के लिए महाशिवरात्रि पर शुद्ध जल से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें।
2. सौभाग्य बढ़ाने के लिए गंगाजल से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना शुभ माना जाता है।
3. ग्रंथों के अनुसार, गन्ने के रस से यदि रुद्राभिषेक किया जाए तो धन लाभ के योग बनते हैं।
4. घर की सुख-शांति और पुत्र प्राप्ति के लिए गाय के दूध से रुद्राभिषेक करना चाहिए।
5. यदि आप मोक्ष की अभिलाषा रखते हैं तो किसी तीर्थ के जल से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें।
6. सद्बुद्धि के लिए शक्कर मिश्रित दूध से रुद्राभिषेक करें।
7. वंश वृद्धि यानी संतान की इच्छा रखते हैं तो घी से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें।
8. सरसों के तेल से यदि शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया जाए तो रोगों में आराम मिलता है।
9. पाप नाश के लिए शुद्ध शहद से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें।
10. भूमि, भवन और वाहन सुख के लिए दही से रुद्राभिषेक करना चाहिए।
11. सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पानी में बिल्व पत्र डालकर शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें।
12. ऐश्वर्य यानी मान-सम्मान पाने के लिए फलों के रस से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना शुभ रहता है।
13. रोगों से मुक्ति पाने के लिए पानी कुशा (एक प्रकार की घास) डालकर शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें।
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