Raksha Bandhan 2026: कहां है साल में सिर्फ एक बार रक्षा बंधन पर खुलने वाला रहस्यमयी मंदिर?

Published : Aug 28, 2026, 10:31 AM IST
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सार

India's Unique Temples: इस बार 28 अगस्त, शुक्रवार को रक्षा बंधन का पर्व मनाया जा रहा है। इस मौके पर हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जो सिर्फ रक्षा बंधन के दिन ही खुलता है।

India's Mysterious Temples: भारत में कई ऐसे प्राचीन और अनोखे मंदिर हैं, जिनसे जुड़ी परंपराएं लोगों को हैरान कर देती हैं। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बंशीनारायण मंदिर भी ऐसा ही एक मंदिर है। खास बात यह है कि इस मंदिर के कपाट पूरे साल बंद रहते हैं और साल में सिर्फ एक दिन रक्षा बंधन के मौके पर भक्तों के लिए खोले जाते हैं। इस दिन यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने आते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भाई-बहन अगर इस मंदिर में एक साथ दर्शन करते हैं तो उनके रिश्ते में हमेशा प्रेम और अपनापन बना रहता है। कई महिलाएं यहां भगवान विष्णु को राखी भी अर्पित करती हैं।

सिर्फ रक्षा बंधन पर खुलता है मंदिर

चमोली में स्थित बंशीनारायण मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। मान्यता के अनुसार, इसके कपाट साल में केवल रक्षा बंधन के दिन ही खोले जाते हैं। सुबह मंदिर के पट खुलने के बाद श्रद्धालु भगवान के दर्शन करते हैं और सूर्यास्त के साथ मंदिर के कपाट दोबारा बंद कर दिए जाते हैं। यह मंदिर अपनी प्राचीनता के लिए भी जाना जाता है। इसे करीब 8वीं शताब्दी का बताया जाता है। साल के बाकी दिनों में यहां आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश नहीं होता।

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देवर्षि नारद से जुड़ी है मान्यता

बंशीनारायण मंदिर को लेकर एक मान्यता यह भी है कि सालभर यहां देवर्षि नारद भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। इसी वजह से अन्य दिनों में मंदिर के पट बंद रहते हैं और केवल रक्षा बंधन के दिन ही भक्तों को भगवान के दर्शन का अवसर मिलता है। रक्षा बंधन पर यहां पहुंचने वाले भाई-बहन भगवान विष्णु का आशीर्वाद लेते हैं। मान्यता है कि इस दिन भाई-बहन का साथ में मंदिर में दर्शन करना उनके रिश्ते को और मजबूत करता है।

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देवी लक्ष्मी और राजा बलि की कथा से जुड़ा मंदिर

इस मंदिर से जुड़ी एक रोचक धार्मिक कथा भी प्रचलित है। मान्यता के अनुसार, जब भगवान विष्णु राजा बलि को दिए वचन के कारण पाताल लोक में उनके द्वारपाल बनकर रहने लगे, तब देवी लक्ष्मी उन्हें वापस लाने के लिए वहां पहुंचीं। कहा जाता है कि देवी लक्ष्मी ने राजा बलि को राखी बांधकर अपना भाई बना लिया। इसके बाद उन्होंने उपहार के रूप में अपने पति भगवान विष्णु को मांग लिया। राजा बलि ने देवी लक्ष्मी की बात मानते हुए भगवान विष्णु को उनके साथ जाने की अनुमति दे दी। मान्यता है कि जिस स्थान पर राजा बलि ने भगवान विष्णु को देवी लक्ष्मी के साथ जाने की अनुमति दी थी, वहीं बंशीनारायण मंदिर का निर्माण हुआ। इसी वजह से इस मंदिर का रक्षा बंधन और भाई-बहन के रिश्ते से खास संबंध माना जाता है।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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