Ram Navami Kab Hai: 26 या 27 मार्च, कब है राम नवमी? जानें सही डेट

Published : Mar 13, 2026, 11:30 AM IST
Ram Navami Kab Hai

सार

Ram Navami 2026 Date: राम नवमी हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। ये पर्व हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है। इस बार ये पर्व मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह में मनाया जाता है। जानें राम नवमी की सही डेट क्या है?

Ram Navami 2026 Kab Hai: भगवान विष्णु ने अधर्म के नाश के लिए अनेक अवतार किए। श्रीराम अवतार भी इनमें से एक है। धर्म ग्रंथों के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। इसलिए हर साल इस तिथि पर श्रीराम जन्मोत्सव मनाया जाता है। ये पर्व पूरे देश में बड़े ही उत्साह से मनाते हैं। इस दिन देश के प्रमुख राम मंदिरों में विशेष आयोजन भी होते हैं। इस बार ये पर्व मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह में मनाया जाएगा। जानें क्या है राम नवमी की सही डेट…

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कब है राम नवमी 2026?

पंचांग के अनुसार इस बार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च, गुरुवार की सुबह 11 बजकर 49 मिनिट से शुरू होगी जो 27 मार्च, शुक्रवार की सुबह 10 बजकर 07 मिनिट तक रहेगी। यानी 26 और 27 मार्च दोनों ही दिन नवमी तिथि का संयोग बन रहा है। इसी कारण लोगों के मन में राम नवमी की सही डेट को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है।

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2 दिन मनाई जाएगी राम नवमी

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, इस बार राम नवमी का पर्व 2 दिन मनाया जाएगा। स्मार्त मत को मानने वाले 26 मार्च को राम नवमी का प‌र्व मनाएंगे वहीं वैष्णव संप्रदाय के लोग 27 मार्च को ये उत्सव मनाएंगे। स्मार्त परंपरा की स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी। स्मार्त संप्रदाय के लोग सभी देवी-देवताओं को एक ही मानते हैं, ये लोग पंचायतन पूजा करते हैं, जिसमें पांच देवताओं की एक साथ उपासना की जाती है। वहीं वैष्णव संप्रदाय के लोग भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा करते हैं।

भगवान विष्णु ने क्यों लिया श्रीराम अवतार?

धर्म ग्रंथों के अनुसार त्रेतायुग में जब राक्षसों का आतंक बहुत बढ़ गया तो सभी देवी-देवता भगवान विष्णु के पास गए और उनसे राक्षसों का अंत करने को कहा। देवताओं की पुकार सुनकर भगवान विष्णु ने अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र श्रीराम के रूप में अवतार लिया। इस अवतार में श्रीराम ने रावण, कुंभकर्ण, खर-दूषण आदि अनेक देवताओं का वध किया।


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इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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