Shani Jayanti 2026 Date Time: ये हैं शनि पूजा के 4 बेस्ट मुहूर्त, जानें मंत्र, पूजा विधि, आरती और उपाय

Published : May 15, 2026, 09:47 AM IST
Shani Jayanti 2026

सार

Kab Hai Shani Jayanti 2026: हर साल ज्येष्ठ मास की अमास्या तिथि पर शनि जयंती का पर्व मनाया जाता है। ऐसा कहते हैं कि इसी तिथि पर शनिदेव का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन शनिदेव की विशेष पूजा, उपाय व आरती की जाती है।

Shani Jayanti Puja Vidhi: इस बार शनि जयंती का पर्व 16 मई, शनिवार को मनाया जाएगा। कईं दशकों में शनिवार को शनि जयंती का दुर्लभ संयोग बनता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इसी तिथि पर शनिदेव का जन्म हुआ था। इस दिन सौभाग्य और शोभन नाम के 2 शुभ योग भी दिन भर रहेंगे, जिसके चलते इस पर्व का महत्व और भी अधिक हो गया है। आगे जानिए शनि जयंती पर कैसे करें शनिदेव की पूजा, शुभ मुहूर्त, मंत्र, आरती और उपाय आदि डिटेल…



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शनि जयंती 2026 पूजा के शुभ मुहूर्त

सुबह 07:27 से 09:06 तक
दोपहर 11:56 से 12:49 तक
दोपहर 12:23 से 02:01 तक
दोपहर 03:40 से शाम 05:18 तक

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शनि जयंती पर कैसे करें पूजा?  

- 16 मई, शनिवार की सुबह स्नान आदि करने के बाद पूजा का संकल्प लें। ऊपर बताए गए किसी भी मुहूर्त में आप पूजा कर सकते हैं। पूरी पूजन सामग्री एक स्थान पर एकत्रित कर लें। शुभ मुहूर्त शुरू होने पर पूजा शुरू करें।
- सबसे पहले शनिदेव की प्रतिमा घर में किसी साफ स्थान पर लकड़ी के बाजोट पर स्थापित करें। सरसों के तेल से शनिदेव की प्रतिमा का अभिषेक करें। इसके बाद अपराजिता के फूल चढ़ाएं और शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
- शनिदेव को काले तिल, काली उड़द, काले वस्त्र आदि चीजें एक-एक करके चढ़ाएं। पूजा करते समय मन ही मन में ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: का जाप करते रहें। शनिदेव को उड़द व चावल की खिचड़ी का भोग लगाएं।
- पूजा के बाद 11 दीपकों से शनिदेव की आरती करें। इन दीपकों में सरसों के तेल का उपयोग करें। आरती के बाद संभव हो तो शनि चालीसा का पाठ भी करें। ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और सभी परेशानियां दूर करते हैं।

भगवान शनिदेव की आरती लिरिक्स हिंदी में

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूर्य पुत्र प्रभु छाया महतारी॥
जय जय श्री शनि देव.…
श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी।
नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥
जय जय श्री शनि देव.…
क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥
जय जय श्री शनि देव.…
मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥
जय जय श्री शनि देव.…
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥
जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी।।

शनि जयंती के उपाय

1. गरीब व जरूरतमंद लोगों को भोजन, जूते-चप्पल आदि का दान करें।
2. पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और परेशानी से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।
3. काले कुत्ते को रोटी खिलाएं।
4. शनिदेव के मंत्रों का जाप करें।
5. कुष्ठ रोगियों को पूरी-भजिए, मालपुए का दान करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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