
Sharad Purnima Upay: इस साल शरद पूर्णिमा का पर्व 25 अक्टूबर, रविवार को मनाया जाएगा। इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जागकर उनकी आराधना करने वाले भक्तों पर कृपा करती हैं। इस मौके पर मां लक्ष्मी के 108 नामों का जाप करना भी विशेष माना जाता है। आइए जानते हैं कि शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी के नामों का जाप कैसे करें और उनके 108 नाम कौन-कौन से हैं…
ये भी पढ़ें-
Sharad Purnima Vrat Katha: व्रत के असर से मृत बच्चा हो गया जीवित! पढ़ें शरद पूर्णिमा की ये रोचक कथा
- सबसे पहले पूजा की जगह को साफ करें और वहां देवी लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और फूल अर्पित करें। साफ आसन पर बैठकर मन को शांत करें और मां लक्ष्मी का ध्यान करें।
- नामों का जाप करने के लिए कमलगट्टे की माला का इस्तेमाल करें। श्रद्धा के साथ मां लक्ष्मी के 108 नामों का जाप करें।
- जाप के दौरान दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें। ये दीपक शुद्ध की हो और पूजा के अंत तक जलता रहना चाहिए।
- मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा और उनके नामों का जाप करने से सुख, शांति और समृद्धि आती है।
ये भी पढ़ें-
Sharad Purnima 2026: कैसे बर्तन में बनाएं शरद पूर्णिमा पर खीर, कितनी देर रखें चांद की रोशनी में, कब खाएं?
1. सुरभि
2. परमात्मिका
3. वाचि
4. पद्मा
5. शुचि
6. प्रकृति
7. विकृति
8. विद्या
9. सर्वभूतहितप्रदा
10. श्रद्धा
11. विभूति
12. आदित्य
13. दिति
14. दीपायै
15. वसुधा
16. वसुधारिणी
17. कमलसम्भवा
18. कान्ता
19. कामाक्षी
20. स्वाहा
21. स्वधा
22. सुधा
23. धन्या
24. हिरण्मयी
25. लक्ष्मी
26. नित्यपुष्टा
27. विभा
28. अमृता
29. दीप्ति
30. लोकशोकविनाशिनी
31. धर्मनिलया
32. करुणा
33. क्षीरोदसम्भवा
34. अनुग्रहप्रदा
35. बुद्धि
36. अनघा
37. हरिवल्लभा
38. अशोका
39. रमा
40. पद्ममालाधरा
41. देवी
42. पद्मिनी
43. पद्मगन्धिनी
44. लोकमाता
45. पद्मप्रिया
46. पद्महस्ता
47. पद्माक्षी
48. पद्मसुन्दरी
49. पद्मोद्भवा
50. पद्ममुखी
51. पद्मनाभप्रिया
52. चतुर्भुजा
53. चन्द्ररूपा
54. इन्दिरा
55. इन्दुशीतला
56. आह्लादजननी
57. पुष्टि
58. शिवा
59. शिवकरी
60. सत्या
61. विमला
62. विश्वजननी
63. तुष्टि
64. दारिद्र्यनाशिनी
65. प्रीतिपुष्करिणी
66. शान्ता
67. शुक्लमाल्याम्बरा
68. पुण्यगन्धा
69. सुप्रसन्ना
70. प्रसादाभिमुखी
71. प्रभा
72. चन्द्रवदना
73. चन्द्रा
74. चन्द्रसहोदरी
75. हेममालिनी
76. धनधान्यकरी
77. सिद्धि
78. स्त्रैणसौम्या
79. जया
80. मंगला देवी
81. श्री
82. भास्करी
83. बिल्वनिलया
84. वरारोहा
85. यशस्विनी
86. वसुन्धरा
87. उदारांगा
88. हरिणी
89. हिरण्यप्राकारा
90. भुवनेश्वरी
91. दारिद्र्यध्वंसिनी
92. देवी
93. सर्वोपद्रववारिणी
94. नवदुर्गा
95. महाकाली
96. ब्रह्माविष्णुशिवात्मिका
97. त्रिकालज्ञानसम्पन्ना
98. शुभप्रदा
99. नृपवेश्मगतानन्दा
100. वरलक्ष्मी
101. वसुप्रदा
102. शुभा
103. विष्णुवक्षस्थलस्थिता
104. विष्णुपत्नी
105. प्रसन्नाक्षी
106. नारायणसमाश्रिता
107. समुद्रतनया
108. पद्मलया
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।