
shivratri kitni tarikh ki hai: भगवान शिव सभी देवों में श्रेष्ठ हैं। ये एकमात्र ऐसे देव हैं सिर्फ एक लोटा जल चढ़ाने से भी प्रसन्न हो जाते हैं। धर्म ग्रंथों में इनकी पूजा से जुड़े कुछ नियम भी बताए गए हैं। इन नियमों को ध्यान में रखकर ही महादेव की पूजा करनी चाहिए। जो व्यक्ति इन नियमों को न मानकर गलतियां करता है, उसे परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। महाशिवरात्रि (15 फरवरी, रविवार) पर शिवजी की पूजा करते समय किन बातों का ध्यान रखें, आगे जानिए…
ये भी पढ़ें-
Mahadev Mantra: महादेव के 15 पॉवरफुल मंत्र, महाशिवरात्रि पर इनका जाप करेगा हर मुश्किल आसान
1. नियम के अनुसार शिवलिंग की कभी पूरी परिक्रमा नहीं की जाती, इसलिए जलाधारी को कभी लांघना नहीं चाहिए। इसलिए शिवलिंग की आधी परिक्रमा ही करना चाहिए, इससे भी पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है।
2. महादेव को हल्दी, कुंकुम, मेहंदी आदि नहीं भूलकर भी चढ़ाएं क्योंकि ये सभी स्त्रियोचित वस्तुएं हैं जो शिव पूजा में उपयोग नहीं की जाती।
3. विद्वानों की माने तो महादेव की पूजा में तुलसी का उपयोग भी नहीं करना चाहिए। इससे दोष लगता है।
ये भी पढ़ें-
Holi Kab Hai: 3 या 4 मार्च, कब खेलें होली? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य से जानें सही डेट
4. केतकी का फूल भी महादेव को नहीं चढ़ाना चाहिए। स्वयं महादेव ने ये बात शिवपुराण में बताई है।
5. अगर शिवलिंग या महादेव का चित्र खंडित हो जाए तो उसकी पूजा नहीं करनी चाहिए, उसे जल में प्रवाहित कर देना उचित है।
6. बिना स्नान किए या रजस्वला अवस्था में शिवजी की पूजा नहीं करनी चाहिए।
7. काले कपड़े पहनकर शिवजी की पूजा न करें। संभव हो तो महादेव की पूजा में सफेद वस्त्र पहनें।
8. शिवलिंग पर भूलकर भी शंख से जल नहीं चढ़ाना चाहिए। इस नियम से जुड़ी कथा शिव महापुराण में मिलती है।
9. शिवजी की पूजा में बिल्व पत्र मुख्य रूप से चढ़ाया जाता है। ध्यान रखें ये बिल्व पत्र कटे-फटे न हो। बिल्व पत्र साफ-सुथरा हो तो इसे धोकर पुन: शिवजी को चढ़ाया जा सकता है।
10. भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन लाभ होता है, ऐसा शिवपुराण में लिखा है। लेकिन ध्यान रखें ये चावल टूटे हुए न हो।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।