Death in Pitru Paksha: पितृ पक्ष में किसी की मृत्यु होना शुभ या अशुभ?

Published : Sep 11, 2025, 11:22 AM IST
Death in Pitru Paksha

सार

Death in Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष, पूर्वजों को समर्पित 15 दिनों का पवित्र काल, हिंदू परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान प्राकृतिक मृत्यु को शुभ माना जाता है, जिससे आत्मा को मोक्ष और स्वर्ग में स्थान मिलता है। 

Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष का समय बहुत ही महत्वपूर्ण और पितरों को समर्पित माना जाता है, जिसे श्राद्ध भी कहा जाता है। इस समय पितृ पक्ष चल रहा है और 15 दिनों की इस अवधि में लोग अपने पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान आदि करते हैं। कहा जाता है कि पितृ पक्ष में पितर 15 दिनों के लिए धरती पर आते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में जन्म लेने वाले बच्चे बहुत भाग्यशाली होते हैं। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल आता है कि अगर पितृ पक्ष में मृत्यु हो जाए तो क्या होता है। आइए जानते हैं उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी इस लेकर क्या कहते हैं?

पितृ पक्ष में मृत्यु कैसी होती है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितृ पक्ष में स्वाभाविक मृत्यु को शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु पितृ पक्ष में होती है, तो उसकी आत्मा को मोक्ष मिलता है और स्वर्ग में स्थान मिलता है। पितृ पक्ष में मृत्यु को अच्छे कर्मों का फल माना जाता है और उस पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है। हालांकि, पितृ पक्ष के दौरान अकाल मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के नियम सामान्य से भिन्न होते हैं और उनका श्राद्ध और पिंडदान विशेष स्थानों पर किया जाना आवश्यक होता है।

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पितृ पक्ष के दौरान मृत्यु के शुभ संकेत

  • मोक्ष की प्राप्ति- पितृ पक्ष के दौरान स्वाभाविक मृत्यु प्राप्त करने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और वे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाते हैं।
  • स्वर्ग में स्थान- पितृ पक्ष के दौरान मृत्यु को शुभ माना जाता है, क्योंकि इससे आत्मा को बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है।
  • पितृ आशीर्वाद- पितृ पक्ष के दौरान जिस घर में मृत्यु होती है, उस घर पर पितरों का आशीर्वाद बना रहता है और बाधाएं दूर होती हैं।

पितृ पक्ष के दौरान मृत्यु के अशुभ संकेत

  • अकाल मृत्यु- यदि पितृ पक्ष के दौरान किसी की अकाल मृत्यु हो जाती है, तो इसे अशुभ माना जाता है।
  • अंतिम संस्कार के नियम- पितृ पक्ष के दौरान अकाल मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के नियम बदल जाते हैं।
  • पितृ पक्ष में अकाल मृत्यु- यदि पितृ पक्ष में किसी की अकाल मृत्यु हो जाती है, तो घर पर तर्पण या श्राद्ध नहीं करना चाहिए। इसके स्थान पर गया जाकर किसी विद्वान पंडित से पिंडदान करवाना आवश्यक है, ताकि आत्मा को मोक्ष मिल सके।

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Disclaimer: इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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