प्रयागराज महाकुंभ 2025 में कितने स्नान होंगे, ये क्यों खास रहेंगे? नोट करें डेट

Published : Dec 29, 2024, 10:36 AM ISTUpdated : Dec 31, 2024, 08:45 AM IST
mahakumbh praygraj 2025

सार

Prayagraj MahaKumbh 2025: साल 2025 के पहले महीने यानी जनवरी में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर महाकुंभ होने जा रहा है। इस महाकुंभ में लाखों की संख्या में साधु-संत शामिल होंगे। ये महाकुंभ 45 दिनों तक रहेगा। 

Prayagraj MahaKumbh 2025 Details: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हर 12 साल में कुंभ मेले का आयोजन होता है। इस बार कुंभ मेला 13 जनवरी 2025 से शुरू होगा, जो 26 फरवरी तक रहेगा। इस बार ये महाकुंभ होगा जो 144 साल में एक बार लगता है। इस महाकुंभ में लाखों साधु-संतों के साथ करोड़ों लोग शामिल होंगे। लगभग 45 दिनों तक चलेन वाले इस महाकुंभ में 6 प्रमुख स्नान होंगे। इन सभी प्रमुख स्नान पर कोई न कोई विशेष तिथि रहेगी। जानें प्रयागराज महाकुंभ 2025 की प्रमुख स्नान की डेट्स क्या-क्या हैं और ये क्यों खास है…

प्रयागराज महाकुंभ 2025 की प्रमुख स्नान की डेट्स (Prayagraj MahaKumbh 2025 Snan Dates)

- प्रयागराज महाकुंभ का पहला स्नान 13 जनवरी, सोमवार को होगा। इस दिन पौष मास की पूर्णिमा तिथि रहेगी। इस तिथि का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है।
- महाकुंभ का दूसरा स्नान 14 जनवरी, मंगलवार को किया जाएगा। इस दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। ये पर्व स्नान-दान के लिए विशेष माना जाता है।
- तीसरा स्नान 29 जनवरी, बुधवार को होगा। इस दिन मौनी अमावस्या रहेगी। अमावस्या तिथि के स्वामी पितृदेव हैं और मौनी अमावस्या पर मौन रहने का महत्व है।
- चौथा स्नान 3 फरवरी, सोमवार को होगा। इस दिन वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। ये तिथि देवी सरस्वती से संबंधित है। मान्यता है कि इसी तिथि पर देवी सरस्वती प्रकट हुई थीं।
- महाकुंभ का पांचवां स्नान, 12 फरवरी, बुधवार को होगा। इस दिन माघी पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा।
- प्रयागराज महाकुंभ 2025 का छठा और अंतिम प्रमुख स्नान 26 फरवरी, बुधवार को होगा। इस दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। मान्यता है कि इसी तिथि पर भगवान शिव ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए थे।

क्यों खास है इस बार का प्रयागराज कुंभ?

विद्वानों के अनुसार, प्रयागराज में कुंभ तो हर 12 साल में लगते हैं। इस तरह 11 कुंभ लगने के बाद जब 12वां कुंभ मेला लगता है तो इसे महाकुंभ कहते हैं। ऐसा दुर्लभ संयोग 144 साल में एक बार बनता है। इस बार प्रयागराज में साधारण कुंभ नहीं बल्कि महाकुंभ लगने जा रहा है, इसलिए इसका विशेष महत्व है।


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