International Yoga Day 2024: कौन हैं आधुनिक योग के जनक, जिन्हें माना जाता है शेषनाग का अवतार?

Published : Jun 20, 2024, 09:29 AM IST
International-Yoga-Day-2024-who-wrote-first-yoga-granth

सार

International Yoga Day 2024: हर साल की तरह इस साल भी 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाएगा। वर्तमान समय में योग लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है या यूं कहें कि ये लाइफ स्टाइल में शामिल हो चुका है तो गलत नहीं होगा। 

Interesting facts related to Maharishi Patanjali: 21 जून को पूरे विश्व में योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। योग भारत की ही देन है जो आज संपूर्ण विश्व में फैला हुआ है। योग को बुलंदियों पर पहुंचाने में महर्षि पतंजलि का महत्वपूर्ण योगदान है। महर्षि पतंजलि को आधुनिक योग का जनक भी कहा जाता है। महर्षि पतंजलि से जुड़ी ऐसी कईं बातें हैं, जिनके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। इंटरनेशनल योगा डे के मौके पर जानिए महर्षि पतंजलि से जुड़ी खास बातें…

कहां हुआ था महर्षि पतंजलि का जन्म?
पुरातत्व विद्वान नारायण व्यास के अनुसार, करीब 200 ईसा पूर्व महर्षि पतंजलि का जन्म उत्तर प्रदेश के गोंदरमऊ नामक स्थान पर हुआ था, महर्षि पतंजलि द्वारा लिखे गए महाभाष्य से इस बात की पुष्टि होती है। कुछ समय यहां करने के बाद यहां पतंजिल बिहार के मगध इलाके में चले गए थे। शोध से पता चला है कि गोंदरमऊ कौशांबी (उत्तर प्रदेश) से उज्जैन (मध्य प्रदेश) के बीच किसी मार्ग पर स्थित था।

यही की थी अष्टांग योग की रचना
शोधकर्ताओं के मानना है कि गोंदरमऊ में ही महर्षि पतंजलि संसार के पहले योग ग्रंथ अष्टांग योग की रचना की यानी इसके पहले योग पर कोई भी दस्तावेज लिखित रूप में नहीं था। इस ग्रंथ में योग के बारे में काफी विस्तार पूर्वक बताया गया है। भारतीय साहित्य में महर्षि पतंजलि द्वारा लिखे गए 3 ग्रंथ और मिलते हैं- योगसूत्र, अष्टाध्यायी पर भाष्य और आयुर्वेद पर ग्रन्थ।

इन्हें मानते हैं शेषनाग का अवतार
महर्षि पतंजलि के बारे में ये प्रचलित है कि इनका जन्म माता के अंजुली के जल के सहारे धरती पर नाग बालक के रूप में हुआ था। माता गोणिका के अंजुली से पतन होने के कारण उन्होंने इनका नाम पतंजलि रखा था। ऋषि को नाग से बालक होने के कारण शेषनाग का अवतार भी माना जाता है। इसलिए कुछ चित्रों में इनका स्वरूप शेषनाग से मिलता-जुलता पाया जाता है।


ये भी पढ़ें-

Jyeshtha Purnima 2024: 2 दिन रहेगी ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा, किस दिन करें वट व्रत और कब स्नान दान?


पति अपनी पत्नी को किन 4 रूपों में नहीं देखना चाहता?


Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम