Mahashivratri 2024: धन लाभ के लिए गन्ने के रस और अच्छी सेहत के लिए घी से करें रुद्राभिषेक, जानें इसके और भी फायदे

Published : Mar 02, 2024, 10:55 AM IST
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सार

Mahashivratri 2024 Kab Hai: धर्म ग्रंथों में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है। रुद्र यानी भगवान शिव, जब इनका अभिषेक विशेष मंत्रों के साथ अलग-अलग द्रव्यों जैसे जल या दूध से किया जाता है तो इसे रुद्राभिषेक कहते हैं। 

Benefits of Rudrabhishek: हर साल फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 8 मार्च, शुक्रवार को किया जाएगा। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा और उपाय किए जाते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, शिव की कृपा पाने के लिए रुद्राभिषेक एक सरल माध्यम है। रुद्राभिषेक का अर्थ है शिवलिंग पर रुद्र मंत्रों के द्वारा अलग-अलग द्रव्यों जैसे पानी, दूध आदि से अभिषेक करना। भगवान शिव को प्रसन्न करने का ये बहुत ही आसान और अचूक उपाय है। आगे जानिए क्या है रुद्राभिषेक और इससे क्या फल मिलते हैं…

क्या होता है रुद्राभिषेक, कैसे किया जाता है? (Kya Hota Hai Rudrabhishek)
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, रुद्राष्टाध्यायी के 8 अध्यायों में 176 मंत्र हैं। इन मंत्र के द्वारा जब शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है तो इसे ही रुद्राभिषेक कहते हैं। अभिषेक शब्द का शाब्दिक अर्थ है स्नान कराना। ग्रंथों में अलग-अलग इच्छाओं की पूर्ति के लिए विभिन्न द्रव्यों से रुद्राभिषेक करने का विधान बताया गया है। जानें किस कामना के लिए कौन-से द्रव्य से रुद्राभिषेक करना चाहिए…

1. अगर आप मानसिक शांति चाहते हैं तो शुद्ध जल से रुद्राभिषेक करें।
2. सौभाग्य बढ़ाने के लिए गंगाजल से रुद्राभिषेक करें।
3. धन लाभ के लिए गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करना शुभ होता है।
4. संतान पाने के लिए गाय के दूध से रुद्राभिषेक करना चाहिए।
5. शक्कर मिश्रित दूध से रुद्राभिषेक करने से बुद्धि का विकास होता है।
6. शुद्ध घी से रुद्राभिषेक करें तो सेहत में सुधार होता है।
7. रोगों में आराम के लिए शिवलिंग का रुद्राभिषेक सरसों के तेल से करें।
8. शहद से रुद्राभिषेक करने से पापों का नाश होता है।
10. भूमि, भवन और वाहन सुख के लिए दही से रुद्राभिषेक करना शुभ माना जाता है।
11. शुद्ध जल में बिल्व पत्र डालकर रुद्राभिषेक करने से वैवाहिक जीवन सुखी रहता है।


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Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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