Sakat Chauth 2026 Moonrise Time: इस बार सकट चतुर्थी का व्रत 6 जनवरी, मंगलवार को किया जाएगा। इस दिन शाम को चंद्रोदय का समय सभी जानना चाहते हैं क्योंकि बिना चंद्रमा को देखो ये व्रत पूरा नहीं होता। जानें सकट चतुर्थी 2026 पर कब निकलेगा चंद्रमा?
Sakat Chauth Par Kab Niklega Chandrma: हर साल माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चतुर्थी का व्रत किया जाता है। इसे संकष्टी चतुर्थी, सकट चौथ और तिल चतुर्थी भी कहते हैं। इस बार ये व्रत 6 जनवरी, मंगलवार को है। इस व्रत में भगवान श्रीगणेश के साथ-साथ चंद्रमा की पूजा भी की जाती है। इसलिए इस दिन महिलाओं को चंद्रमा के उदय होने का इंतजार रहता है। आगे जानिए सकत चौथ पर चंद्रोदय का समय…
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, 6 जनवरी, मंगलवार को सकट चतुर्थी पर चंद्रमा रात को लगभग 8 बजकर 54 मिनिट पर उदय होगा। अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में आंशिक परिवर्तन हो सकता है। चंद्रमा के दर्शन-पूजा के बाद ही महिलाएं अपना व्रत पूर्ण कर सकती हैं।
सकट चौथ पर चंद्रोदय से पहले विधि-विधान से भगवान श्रीगणेश की पूजा करें। इसके बाद उदय होने पर चंद्रमा की। श्रीगणेश की पूजा के बाद जब चंद्रमा उदय हो जाए तो सबसे पहले शुद्ध जल से अर्घ्य दें। इसके बाद फूल, चावल और कुमकुम चढ़ाएं। हाथ जोड़कर प्रार्थना करें कि व्रत का पूरा फल प्राप्त हो।
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सकट चौथ पर चंद्रमा दिखाई न दे तो क्या करें?
आसमान में बादल होने की वजह से कईं बार सकट चतुर्थी पर चंद्रमा दिखाई नहीं देता। ऐसी स्थिति में क्या करें? इसके बारे में हर कोई जानन चाहता है। विद्वानों के अनुसार अगर सकट चतुर्थी पर आसमान पर बादल होने के कारण चंद्रमा दिखाई न दे तो चंद्रोदय के समय को ध्यान में रखते हुए उसके एक घंटे बाद जिस दिशा में चंद्रमा उदय होता है, उस ओर खड़े होकर भी पूजा कर सकते हैं। ऐसा करने से भी आपको व्रत का पूरा फल मिलेगा।
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श्रीगणेश के साथ चंद्रमा की पूजा क्यों करते हैं?
हर चतुर्थी तिथि पर भगवान श्रीगणेश के साथ-साथ चंद्रमा की पूजा भी जरूर की जाती है। इसके जुड़ी एक रोचक कथा है। उसके अनुसार, चंद्रमा को अपनी सौंदर्य पर बहुत अभिमान था। इसी अभिमान में चूर होकर उसने एक दिन भगवान श्रीगणेश के हाथी मुख स्वरूप का मजाक उड़ाया था। तब श्रीगणेश ने चंद्रमा की चमक कम होने का श्राप दे दिया। बाद में जब चंद्रमा ने श्रीगणेश से क्षमा मांगी तो उन्होंने कहा कि ‘आज से मेरे साथ हर चतुर्थी पर तुम्हारी भी पूजा होगी।’ तभी से श्रीगणेश के साथ चंद्रमा की पूजा की जा रही है।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।