Uttarkashi Cloudburst: उत्तरकाशी के धराली में है रहस्यमयी शिव मंदिर, पांडवों ने बनवाया था इसे!

Published : Aug 05, 2025, 03:54 PM ISTUpdated : Aug 05, 2025, 04:07 PM IST
Kalp Kedar Temple Dharali Uttarkashi

सार

Uttarkashi cloudburst today: उत्तराखंड के धराली गांव में मंगलवार को अचानक फटने से पूरा गांव बाढ़ की चपेट में आ गया। इस दौरान कईं घर बह गए। पुलिस प्रशासन राहत काम में जुटा हुआ है। यहां एक प्राचीन शिव मंदिर है, जो पांडवकालीन बताया जाता है।

Kalp Kedar Temple History Dharali Village Uttarkashi: मंगलवार को उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित धराली गांव में अचानक बादल फट गए। जिसके चलते पूरा गांव ही बाढ़ की चपेट में आ गया। इस बाढ़ में कई घर बह गए। इस घटना में कईं लोगों के मारे जाने की खबर है। धार्मिक दृष्टि से उत्तरकाशी का धराली गांव बहुत ही खास है। यहां कईं प्राचीन मंदिर भी हैं। इन्हीं में से एक है कल्प केदार मंदिर। मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना पांडवों ने की थी।

कहां है कल्प केदार मंदिर?

वैसे तो उत्तकाशी के धराली गांव में कईं प्रसिद्ध मंदिर हैं लेकिन इन सभी में कल्प केदार मंदिर का महत्व सबसे ज्यादा है। यहां से गंगोत्री सिर्फ 20 किमी दूर है। कहते हैं कि धराली में कभी 240 प्राचीन मंदिरों का एक समूह था जो समय के साथ नष्ट होते चले गए। वर्तमान में इन मंदिरों के अवशेष ही यहां दिखाई देते हैं। अब यहां कुछ ही प्राचीन मंदिर शेष हैं। इनमें से कल्प केदार मंदिर भी एक है।

ये भी पढ़ें-

Unique Temple: एक ऐसा मंदिर जो है डूब जाता है समुद्र में, महादेव के पुत्र से जुड़ी है इसका कथा


Unique Temple: अजीब है इस मंदिर की परंपरा, यहां भक्त भगवान को चढ़ाते हैं झाड़ू

 

क्यों खास है धराली का कल्प केदार मंदिर?

कल्प केदार मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां स्थित शिवलिंग की स्थापना पांडवों ने की थी जब वे केदारनाथ आए थे। वर्तमान में यहां जो मंदिर दिखाई देता है वह भी लगभग 1500 साल पुराना है। सबसे खास बात ये है कि यहां जो शिवलिंग है वो एक 7 फीट कुंड के अंदर है। इसके दर्शनों के लिए पानी के अंदर जाना पड़ता है। और भी कईं बातें इस मंदिर को रहस्यमयी बनाती हैं।

यहां बहती है खीर गंगा नदी

धराली में बादल फटने से जिस नदी में बाढ़ आई है, उसका नाम खीर गंगा है। इस नदी का भी धार्मिक महत्व है। दूध से पानी होने के कारण इस नदी का नाम खीर गंगा पड़ा है। खीरगंगा नदी के मार्ग पर ही एक प्राचीन गुफा है। कहते हैं कि इसी स्थान पर भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय ने तपस्या की थी। इसलिए इस जगह की धार्मिक मान्यता काफी ज्यादा है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi
Read more Articles on

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम