Hindu Tradition: पूजा के लिए किस धातु के बर्तन होते हैं शुभ?

Published : Jan 03, 2025, 04:40 PM ISTUpdated : Jan 04, 2025, 09:05 AM IST
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सार

Hindu Tradition: हिंदू धर्म में पूजा से जुड़े अनेक नियम बताए गए हैं। इन नियमों में ये भी बताया गया है भगवान की पूजा करते समय किस धातु के बर्तनों का उपयोग करना चाहिए और देवताओं की कौन-सी धातु बहुत अधिक प्रिय है। 

Puja Ke Bartan Kis Dhatu Ke Hon Chahiye: हिंदू धर्म में पूजा एक अनिवार्य परंपरा है। पूजा से जुडे़ अनेक नियम भी धर्म ग्रंथों में बताए गए हैं। इन नियमों में ये भी बताया गया है कि पूजा के लिए किस धातु के बर्तनों का उपयोग करना चाहिए। आमतौर पर लोग किसी भी धातु के बर्तनों का उपयोग पूजा में कर लेते हैं, ऐसा नहीं करना चाहिए। जानें इस बारे में क्या लिखा है धर्म शास्त्रों में…

इन धातुओं के बर्तन हैं शुभ

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, भगवान की पूजा में सोना, चांदी, पीतल और तांबे के बर्तनों का उपयोग शुभ माना जाता है। धर्मग्रंथों के अनुसार सोने को सर्वश्रेष्ठ धातु माना जाता है, लेकिन देवताओं को तांबा अतिप्रिय है। वराह पुराण के अनुसार-

तत्ताम्रभाजने मह्म दीयते यत्सुपुष्कलम्।
अतुला तेन मे प्रीतिर्भूमे जानीहि सुव्रते।।
माँगल्यम् च पवित्रं च ताम्रनतेन् प्रियं मम।
एवं ताम्रं समुतपन्नमिति मे रोचते हि तत्।
दीक्षितैर्वै पद्यार्ध्यादौ च दीयते।

अर्थ- तांबा मंगलस्वरूप,पवित्र एवं भगवान को बहुत ही प्रिय है। ताँबे के बर्तन में रखकर जो वस्तु भगवान को अर्पण की जाती है, उससे भगवान बड़े प्रसन्न होते हैं। तांबे के बर्तन को पूजा में प्रयोग किया जाने वाला धातु माना जाता है। तांबे के पात्र से सूर्य को जल अर्पित करने की मान्यता है। तांबा सभी तरह से मंगल करने वाला और पवित्र धातु है।

देवताओं को क्यों प्रिय है तांबा? जानें इससे जुड़ी कथा

देवताओं को तांबा अधिक प्रिय क्यों है, इससे जुड़ी एक कथा वराहपुराण में मिलती है, उसके अनुसार, किसी समय गुडाकेश नामक एक राक्षस महान विष्णु भक्त था। उसने कठिन तपस्या से भगवान विष्णु को प्रसन्न कर लिया और वरदान मांगा कि ‘मेरी मृत्यु आपके सुदर्शन चक्र से हो और मरने के बाद मेरा शरीर तांबे का हो जाए। संसार में सबसे अधिक पवित्र धातु यही हो और इसी से बने पात्रों (बर्तनों) से देवताओ की पूजा हो।’ भगवान विष्णु ने राक्षस गुडाकेश को ये वरदान दे दिया और सुदर्शन चक्र से उसका वध कर दिया। गुडाकेश का शरीर तांबे में बदल गया। भगवान विष्णु के वरदान स्वरूप ही तांबे को अत्यंत पवित्र धातु माना गया है।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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