
Solar Eclipse Rituals: साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को होगा। इसे लेकर वैज्ञानिकों से लेकर आमजन तक सभी उत्साहित हैं। हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को धर्म और ज्योतिष से नजरिए से भी देखा जाता है। इसलिए सूर्य ग्रहण के दौरान अनेक नियमों का पालन किया जाता है जैसे ग्रहण में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, कुछ भी खाना-पानी नहीं चाहिए और भगवान की पूजा भी नहीं करनी चाहिए। ऐसे में एक सवाल ये भी उठता है कि क्या सूर्य ग्रहण के दौरान मृतक का अंतिम संस्कार किया जा सकता है? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानिए इस सवाल का जवाब…
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ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान मृतक का अंतिम संस्कार नहीं करना चाहिए। ऐसा करने की धर्म ग्रंथों में मनाही है। अगर सूर्य ग्रहण चल रहा हो तो इसके खत्म होने के बाद ही मृतक का दाह संस्कार करना उचित होता है, ऐसा धर्म सिंधु ग्रंथ में लिखा है।
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धर्म सिंधु ग्रंथ की मानें तो ग्रहण का सूतक उसके शुरू होने से काफी पहले से शुरू हो जाता है और इतने समय तक अंतिम संस्कार के लिए रूकना ठीक नहीं होता, इसलिए सूतक के दौरान मृतक का अंतिम संस्कार किया जा सकता है। इसमें किसी प्रकार का कोई दोष नहीं लगता।
अंत्येष्टि संस्कार (अंतिम संस्कार) को मृत व्यक्ति के प्रति अंतिम कर्तव्य माना गया है। इसलिए ये काम पूरी निष्ठा से करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि ग्रहण काल के दौरान तामसिक शक्तियां बहुत उग्र स्वरूप में होती है। इस दौरान यदि किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया जाए तो उसकी आत्मा की अधोगति होती है।
धर्म ग्रंथों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान किसी भी रूप में अग्नि नहीं जलाना चाहिए। चाहे वो हवन के लिए हो या अंतिम संस्कार के लिए। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए ग्रहण समाप्त होने के बाद ही मृतक का अंतिम संस्कार करना उचित होता है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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