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Surya Grahan In India: भारत में कब दिखेगा सूर्य ग्रहण? नोट कर लें तारीख-समय और सूतक काल
Surya Grahan Visibility In India: 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा लेकिन ये भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसी स्थिति में सभी लोग ये जानना चाहते हैं कि वो कौन-सा सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में दिखाई देगा।

2027 में भारत में कब दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
Next Solar Eclipse in India: जब भी सूर्य ग्रहण होता है तो वह कुछ देशों में दिखाई देता है और कुछ में नहीं। ये बात सूर्य, चंद्र और पृथ्वी की स्थिति पर निर्भर करती है। साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को होगा। ये सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन और रूस के कुछ हिस्से में और यूरोप, कनाडा और उत्तरी अमेरिका के कई क्षेत्रों में दिखाई देगा लेकिन भारत में नहीं। ऐसे में यहां के लोग ये जानना चाहते हैं कि निकट भविष्य में वो कौन-सा सूर्यग्रहण होगा जो भारत में दिखाई देगा। आगे जानिए इसकी डिटेल…

2027 में कितने सूर्य ग्रहण होंगे?
खगोलीय गणनाओं के अनुसार साल 2027 में 2 सूर्य ग्रहण का संयोग बन रहा है। इनमें से पहला सूर्य ग्रहण 6 फरवरी को होगा। ये ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। इसके बाद दूसरा सूर्य ग्रहण 2 अगस्त को होगा। यह पूर्ण नहीं बल्कि आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। विद्वानों की मत है कि ये सूर्य ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों में देखा जाएगा।
2 अगस्त 2027 सूर्य ग्रहण का समय
भारतीय समयानुसार यह आंशिक सूर्य ग्रहण दोपहर बाद दिखाई देगा।
ग्रहण शुरू: दोपहर 3:34 बजे
ग्रहण समाप्त: शाम 5:53 बजे
कुल अवधि: लगभग 2 घंटे 19 मिनट
हालांकि अलग-अलग शहरों में समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
2 अगस्त 2027 सूतक का समय
सूर्य ग्रहण का सूतक उसके शुरू होने से 12 घंटे पहले से शुरू हो जाता है। इसके अनुसार 2 अगस्त 2027 को होने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक काल 1 अगस्त की रात 3 बजकर 54 मिनिट से शुरू हो जाएगा। चूंकि ये ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए यहां इसका सूतक भी मान्य होगा।
क्यों खास होगा 2027 का सूर्य ग्रहण?
2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण दुनिया के कई देशों में पूर्ण सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। वैज्ञानिकों के अनुसार यह 21वीं सदी के सबसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहणों में से एक माना जा रहा है। कुछ स्थानों पर पूर्ण ग्रहण की अवधि 6 मिनट से भी अधिक रहेगी, जिसके कारण दुनियाभर के खगोल वैज्ञानिक इस घटना को लेकर उत्साहित हैं।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।