Solar Eclipse Effect on Trees: सैकड़ों सालों से सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों की शोध का विषय रहा है। रिसर्च से ये भी पता चला है कि ग्रहण का असर न सिर्फ इंसान बल्कि पशु-पक्षी और पेड़-पौधों पर भी होता है।

Plants During Solar Eclipse: 12 अगस्त 2026 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होने वाला है। सूर्य ग्रहण एक ऐसी खगोलीय घटना है, जिसे लेकर लोगों के मन में कई तरह की जिज्ञासाएं रहती हैं। आमतौर पर सूर्य ग्रहण का असर इंसानों और पशु-पक्षियों पर होता है, ऐसी मान्यता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका प्रभाव पेड़-पौधों पर भी पड़ता है? शोधों से पता चला है कि सूर्य ग्रहण के दौरान पौधों के व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिलता है। आगे जानिए इससे जुड़े रोचक फैक्ट…

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सूर्य ग्रहण के दौरान क्यों बदलता है वातावरण?

सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इस स्थिति में सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए पृथ्वी तक पूरी तरह या आंशिक रूप से नहीं पहुंच पाता। दिन के समय अचानक अंधेरा जैसा माहौल बन जाता है और तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसका सीधा असर पेड़-पौधों पर भी होता है।

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पौधे क्यों समझ लेते हैं कि रात हो गई है?

वैज्ञानिकों रिसर्च से पता चला है कि पौधों की अपनी एक जैविक घड़ी यानी बायोलॉजिकल क्लॉक होती है। यह घड़ी सूर्य के प्रकाश के अनुसार काम करती है। जब ग्रहण के कारण अंधेरा होने लगता है तो कुछ पौधे इसे शाम या रात का समय समझ लेते हैं। इसी वजह से कई फूल समय से पहले बंद होने लगते हैं और कुछ पौधों की पत्तियां सिकुड़ जाती हैं।

प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया पर पड़ता है असर

पेड़-पौधे अपना भोजन बनाने के लिए सूर्य के प्रकाश का उपयोग करते हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण या फोटोसिंथेसिस कहा जाता है। ग्रहण के दौरान सूर्य की रोशनी कम होने से यह प्रक्रिया कुछ समय के लिए धीमी पड़ जाती है लेकिन इसका पौधों की वृद्धि पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ता।

क्या ग्रहण से पौधों को कोई नुकसान होता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य ग्रहण से पेड़-पौधों को कोई स्थायी नुकसान नहीं होता। यह सिर्फ कुछ समय के लिए होने वाला प्राकृतिक बदलाव है। ग्रहण समाप्त होते ही पौधे अपनी सामान्य अवस्था में लौट आते हैं और उनकी सभी जैविक प्रक्रियाएं पहले की तरह काम करने लगती हैं।