
Kab Hai Vaishakh Purnima 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक महीने में दो पक्ष होते हैं, शुक्ल और कृष्ण। इनमें से शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा कहते हैं। ज्योतिष शास्त्र व धर्म ग्रंथों में इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। पूर्णिमा यानि पूर्ण तिथि। इस तिथि के स्वामी चंद्रमा हैं। एक साल में कुल 12 पूर्णिमा तिथि होती हैं। इन सभी का अलग-अलग महत्व है। वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि भी बहुत खास होती है क्योंकि इस दिन बुद्ध जयंती और कूर्म जयंती का पर्व मनाया जाता है। आगे जानिए साल 2026 में कब है वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि…
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पंचांग के अनुसार वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल, गुरुवार की रात 09 बजकर 12 मिनिट से शुरू होगी जो 01 मई, शुक्रवार की रात 10 बजकर 52 मिनिट तक रहेगी। चूंकि पूर्णिमा तिथि का सूर्योदय 1 मई को होगा, इसलिए इसी दिन वैशाख पूर्णिमा तिथि मानी जाएगी। पूर्णिमा से संबंधित सभी उपाय, पूजा आदि भी इसी दिन किए जाएंगे। इस दिन कईं शुभ योग भी बनेंगे, जिससे इस दिन का महत्व और भी अधिक बढ़ जाएगा।
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वैशाख पूर्णिमा पर चंद्रमा की पूजा करनी चाहिए क्योंकि इस तिथि के स्वामी चंद्रमा ही हैं। इस दिन व्रत रखें और शाम को जब चंद्रमा उदय हो जाए तो उसे फूल, चावल, कुमकुम आदि चढ़ाएं। शुद्ध जल का अर्ध्य दें। अगर मन में कोई मनोकामना हो तो वह भी बोल सकते हैं। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, उन्हें इस दिन चंद्रमा की पूजा जरूर करनी चाहिए। 1 मई, शुक्रवार को चन्द्रोदय शाम को 06 बजकर 52 पर होगा।
1. पूर्णिमा तिथि पर भगवान सत्यनारायण की कथा सुननी चाहिए। इससे आपकी हर इच्छा पूरी हो सकती है।
2. वैशाख पूर्णिमा की सुबह पवित्र नदी में स्नान करें और जरूरतमंदों को अपनी इच्छा अनुसार चीजों का दान करें।
3. पूर्णिमा तिथि पर भगवान शिव के साथ देवी पार्वती की पूजा करना भी बहुत शुभ माना गया है।
4. कुंडली में चंद्रमा कमजोर है तो किसी योग्य ज्योतिषी से पूछकर मोती धारण करें।
5. पूर्णिमा तिथि पर हनुमानजी को सिंदूर का चोला चढ़ाएं। इससे भी आपकी परेशानी दूर होगी।
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