Ganga Dussehra 2026: हर साल ज्येष्ठ मास में गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि यही वो दिन है जब देवनदी गंगा धरती पर आई थी। इसलिए इस दिन गंगा नदी में स्नान करने और पूजा का विशेष महत्व माना गया है।
Kab Hai Ganga Dussehra: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। इसीलिए हर साल इस तिथि पर गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस बार गंगा दशहरा का पर्व 25 मई, सोमवार को मनाया जाएगा। इस पर्व का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा करने से व्यक्ति के दस प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं। गंगा दशहरा से जुड़ी एक रोचक कथा भी है जिसे सुनकर ही इस व्रत का पूरा फल मिलता है। आगे पढ़ें गंगा दशहरा की रोचक कथा…
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क्या है गंगा दशहरा की कथा?
वाल्मीकि रामायण के अनुसार, प्राचीन समय में राजा सगर नाम के एक पराक्रमी राजा थे। उन्होंने एक बार अश्वमेध यज्ञ कराया। उस यज्ञ के घोड़े को देवराज इंद्र ने चोरी करके कपिल मुनि के आश्रम में बांध दिया। राजा सगर के 60 हजार पुत्र जब घोड़े की तलाश करते हुए कपिल मुनि के आश्रम तक पहुंचे तो उन्हें लगा कि कपिल मुनि ने ही ये घोड़ा चुराया है।
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ऋषि कपिल उनकी बातों से क्रोधित हो गए और अपनी तपस्या के प्रभाव से उन्हें भस्म कर दिया। ऐसा होने से उन राजकुमारों की आत्माओं को मुक्ति नहीं मिल पाई। सिर्फ देवनदी गंगा के स्पर्श से ही उन्हें मुक्ति मिल सकती थी। तब कई पीढ़ियों बाद राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए कठोर तपस्या की और मां गंगा को धरती पर आने के लिए मना लिया।
गंगा नदी का वेग इतना तेज था कि पृथ्वी उसे सहन नहीं कर सकती थी। तब भगवान शिव ने मां गंगा को अपनी जटाओं में धारण किया और धीरे-धीरे पृथ्वी पर प्रवाहित किया। इसके बाद मां गंगा भगीरथ के पीछे-पीछे चलती हुई उस स्थान तक पहुंचीं, जहां राजा सगर के पुत्रों की अस्थियां थीं।
गंगाजल के स्पर्श से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। जिस दिन गंगा नदी धरती पर आई, उस दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि थी। तभी से गंगा दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है।
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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
