2003 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। हाई प्रेशर मैच, फैंस का जोश के बीच क्रीज पर मौजूद थे दुनिया के डेंजरस बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट। बड़ा मौका, टीम के लिए रनों की जरूरत और बल्लेबाजी में गिलक्रिस्ट आते हैं। उसी बीच गेंद आती है, हल्की आवाज होती है, जिसकी भनक आसपास के फील्डर्स को भी नहीं लगती। गेंदबाजों और फील्डर्स के शोर मचाने पर अंपायर आउट नहीं देते हैं। गिलक्रिस्ट चाहते तो क्रीज पर खड़े रहते और मैच बदल देते, मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। बड़ा मंच और लाखों डॉलर दांव पर रहने के बावजूद वो खुद पवेलियन लौटे गए। बिना किसी बहस के वो चल पड़े, क्योंकि उन्हें पता था कि गेंद बल्ले पर लगी है।