
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की तरफ से एक न्योता मिला है। यह न्योता अहमदाबाद में होने वाली ICC की अहम बोर्ड मीटिंग में शामिल होने के लिए है।
यह मीटिंग 30 और 31 मई को होनी है। दिलचस्प बात यह है कि ये हाई-प्रोफाइल मीटिंग IPL 2026 के फाइनल के साथ ही हो रही है। IPL का फाइनल 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। ऐसी उम्मीद है कि ICC चेयरमैन जय शाह और बोर्ड के दूसरे सदस्य भी दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले इस धमाकेदार फाइनल को देखने पहुंचेंगे। इस तरह यह मैच खेल के सबसे ताकतवर प्रशासकों का एक बड़ा जमावड़ा बन जाएगा।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की यह तिमाही बैठकें पहले कतर की राजधानी दोहा में होने वाली थीं। लेकिन मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जंग की वजह से बने संकट के चलते क्रिकेट की ग्लोबल बॉडी को यह पूरा इवेंट भारत में शिफ्ट करना पड़ा। पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के कारण जब ICC को मीटिंग्स टालनी पड़ीं, तो वैकल्पिक जगह के तौर पर अहमदाबाद को चुना गया। अब जब मीटिंग कतर से गुजरात की राजधानी में शिफ्ट हो गई है, तो सवाल उठ रहे हैं कि क्या PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी इस मीटिंग और IPL 2026 फाइनल में शामिल होंगे?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, PCB चेयरमैन होने के साथ-साथ ACC के चीफ और पाकिस्तान के गृह मंत्री का पद संभाल रहे नकवी ने यह हाई-प्रोफाइल न्योता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भेज दिया है, ताकि भारत आने पर आखिरी राजनीतिक और कूटनीतिक फैसला लिया जा सके।
चूंकि मोहसिन नकवी पाकिस्तान कैबिनेट में एक बड़े पद पर हैं और एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के भी अध्यक्ष हैं, इसलिए उनके इस दौरे को सिर्फ खेल के नजरिए से नहीं, बल्कि कूटनीतिक और रणनीतिक तौर पर भी देखा जा रहा है। ICC मीटिंग का दोहा से अहमदाबाद शिफ्ट होना सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि इसने इस पूरे मामले को एक बड़ा जियो-पॉलिटिकल मुद्दा बना दिया है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी का अहमदाबाद में होने वाली ICC बोर्ड मीटिंग में आना कई वजहों से मुश्किल लग रहा है। इसके पीछे बड़ी राजनीतिक अड़चनें, BCCI के साथ बेहद खराब रिश्ते और सीमा पार क्रिकेट से जुड़े अनसुलझे विवाद हैं।
नकवी क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कैबिनेट का हिस्सा हैं, इसलिए उनके किसी भी विदेश दौरे, खासकर भारत दौरे के लिए, कड़ी डिप्लोमैटिक जांच और सुरक्षा मंजूरी की जरूरत होगी। ऐसे में अचानक यात्रा की मंजूरी मिलना बहुत मुश्किल है। BCCI और PCB के बीच एशिया ट्रॉफी प्रेजेंटेशन सेरेमनी को लेकर हुआ विवाद पहले ही रिश्तों में गहरी कड़वाहट घोल चुका है।
यह तल्खी दुबई में एशिया कप 2025 के फाइनल के बाद अपने चरम पर पहुंच गई थी, जब जीतने वाली भारतीय टीम ने सीधे नकवी से विनर ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद वह ट्रॉफी अपने साथ ले गए थे। तब से भारतीय टीम और BCCI अपनी ट्रॉफी का इंतजार कर रहे हैं। BCCI ने इस मामले को सीधे ICC तक पहुंचा दिया है, जिससे दोनों बोर्डों के बीच प्रशासनिक दूरियां और बढ़ गई हैं।
इसके अलावा, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए टीम इंडिया के पाकिस्तान जाने से इनकार करने और फिर PCB की तरफ से T20 वर्ल्ड कप 2026 के बहिष्कार की धमकी ने दोनों क्रिकेट पावरहाउस के बीच रिश्तों को टूटने की कगार पर पहुंचा दिया है। इसलिए, अब देखना यह होगा कि क्या पाकिस्तान सरकार मोहसिन नकवी को भारत भेजकर रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलाने की कोशिश करती है, या फिर PCB चीफ इस्लामाबाद से ही वर्चुअली इस अहम ICC सेशन में शामिल होकर राजनीतिक समीकरणों को साधते हैं।