India vs Pakistan Hockey: 10 साल से नहीं हारा भारत, लेकिन आज पाकिस्तान के खिलाफ एक गलती पड़ सकती है भारी

Bimla Kumari   | ANI
Published : Aug 19, 2026, 12:14 PM IST
India vs Pakistan Hockey: 10 साल से नहीं हारा भारत, लेकिन आज पाकिस्तान के खिलाफ एक गलती पड़ सकती है भारी

सार

FIH हॉकी वर्ल्ड कप में भारत का मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से है। पिछले 10 साल से पाकिस्तान के खिलाफ अजेय रहने की वजह से टीम इंडिया के हौसले बुलंद हैं। पूल D के इस अहम मैच में भारत को अगले दौर में जाने के लिए सिर्फ एक ड्रॉ चाहिए, जबकि पाकिस्तान के लिए जीतना बेहद ज़रूरी है।

FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में जब भारतीय टीम अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ उतरेगी, तो उसके हौसले सातवें आसमान पर होंगे। इसकी सबसे बड़ी वजह है पिछले 10 सालों से पाकिस्तान पर भारत का दबदबा। इस दौरान भारत पाकिस्तान से एक भी मैच नहीं हारा है।

हॉकी की दुनिया में भारत-पाकिस्तान मुकाबले से बड़ा कुछ नहीं होता। बुधवार को FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में जब ये दोनों टीमें वैगनर हॉकी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी, तो रोमांच अपने चरम पर होगा। इस हाई-वोल्टेज मैच से ही तय होगा कि सेमीफाइनल की रेस में कौन बना रहेगा। पूल D के इस मुकाबले में गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।

दोनों टीमों के लिए समीकरण बिल्कुल साफ है। भारत इस वक्त पूल D में तीन पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर है। भारत ने अपने पहले मैच में वेल्स को 3-1 से हराया था, लेकिन दूसरे मैच में उसे इंग्लैंड से 2-4 से हार मिली। वहीं, पाकिस्तान के दो मैचों में सिर्फ एक पॉइंट है। उसने वेल्स के साथ ड्रॉ खेला था और इंग्लैंड से 1-4 से हार गया था।

टूर्नामेंट के फॉर्मेट के मुताबिक, हर पूल से टॉप दो टीमें ही सेमीफाइनल की दौड़ में बनी रहेंगी, जबकि बाकी दो टीमें क्लासिफिकेशन मैचों में हिस्सा लेंगी। इंग्लैंड अपने दोनों मैच जीतकर पहले ही टॉप-2 में अपनी जगह पक्की कर चुका है। अब दूसरी जगह के लिए जंग भारत, पाकिस्तान और वेल्स के बीच है।

भारत को पूल में दूसरा स्थान पक्का करने के लिए कम से कम एक ड्रॉ की जरूरत है, जबकि पाकिस्तान और वेल्स को अपनी उम्मीदें जिंदा रखने के लिए हर हाल में जीतना होगा। जहां पाकिस्तान को अगले राउंड में जाने के लिए पूरे पॉइंट्स चाहिए, वहीं टीम इंडिया के लिए राह थोड़ी आसान है।

एक दशक का दबदबा

हालांकि भारतीय टीम सिर्फ पुराने रिकॉर्ड्स और ड्रॉ की जरूरत के भरोसे नहीं बैठ सकती। हॉकी के इस सबसे रोमांचक मुकाबले में उसे अपना बेस्ट प्रदर्शन करना होगा। पिछले 10 सालों में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 19 मैच खेले हैं, जिनमें से 17 जीते हैं और दो ड्रॉ रहे हैं। पाकिस्तान के खिलाफ पिछले 10 सालों के नतीजे कुछ इस तरह हैं:

2016: 5-1 से जीत (सुल्तान अजलान शाह कप), दो बार 3-2 से जीत (एशियन चैंपियंस ट्रॉफी)
2017: 7-1 और 6-1 से जीत (FIH वर्ल्ड लीग), 3-1 और 4-0 से जीत (एशिया कप)
2018: 2-2 से ड्रॉ (कॉमनवेल्थ गेम्स 2018), 4-0 से जीत (एशियन चैंपियंस ट्रॉफी), 2-1 से जीत (एशियन गेम्स), 3-1 से जीत (एशियन चैंपियंस ट्रॉफी)
2021: 3-1 और 4-3 से जीत (एशियन चैंपियंस ट्रॉफी)
2022: 1-1 से ड्रॉ (एशिया कप)
2023: 4-0 से जीत (एशियन चैंपियंस ट्रॉफी), 10-2 से जीत (एशियन गेम्स)
2024: 2-1 से जीत (एशियन चैंपियंस ट्रॉफी)
2026: 4-3 और 7-1 से जीत (FIH प्रो लीग)

श्रीजेश ने बताया कैसे बदली टीम इंडिया

मैच से पहले भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने कहा कि टीम ने अपनी फिटनेस, गेम की समझ और फैसले लेने की क्षमता में काफी सुधार किया है। इसी वजह से टीम अब पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी पलों में मैच गंवाने की समस्या से उबर चुकी है।

JioStar से बात करते हुए श्रीजेश ने बताया कि कैसे भारतीय टीम अब मैच के आखिरी पलों में गोल करने में ज्यादा सक्षम हो गई है।

श्रीजेश ने कहा, "पहले आखिरी क्वार्टर या आखिरी मिनटों में गोल खाना हमारी एक बड़ी समस्या हुआ करती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब तो हम खुद आखिरी पलों में गोल करके मैच जीतते हैं।"

उन्होंने याद किया कि पहले 35-35 मिनट के हाफ वाले फॉर्मेट में फिटनेस या गलत फैसलों की वजह से टीम पिछड़ जाती थी। उन्होंने कहा, "चार-क्वार्टर सिस्टम आने के बाद और उससे पहले भी, हमने अपनी फिटनेस, ताकत, गेम की समझ और फैसले लेने की क्षमता में जबरदस्त सुधार किया है।"

श्रीजेश का मानना है कि इन सुधारों ने पाकिस्तान के खिलाफ मैचों का मिजाज भी बदल दिया है। उन्होंने कहा, "इसी वजह से पाकिस्तान के खिलाफ मैच अब उतने मुश्किल नहीं रहे, जितने पहले हुआ करते थे। पहले भारत-पाकिस्तान के मैच बहुत करीबी होते थे और स्कोर 1-0 या 2-1 रहता था।"

हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि पाकिस्तान में टैलेंट है, लेकिन उनकी मौजूदा टीम का स्तर पहले जैसा नहीं है।

अहम खिलाड़ी और चुनौतियां

भारत के अटैक की कमान एक बार फिर कप्तान और ड्रैग-फ्लिक स्पेशलिस्ट हरमनप्रीत सिंह के हाथों में होगी। डिफेंडर हरमनप्रीत इस टूर्नामेंट में दो मैचों में तीन गोल कर चुके हैं और तीनों ही गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए हैं। इस हाई-प्रेशर मैच में सेट-पीस को गोल में बदलने की उनकी काबिलियत décisive साबित हो सकती है।

भारतीय फॉरवर्ड्स ने मौके तो बनाए हैं, लेकिन उन्हें अपनी फिनिशिंग को और बेहतर करना होगा। जब क्वालिफिकेशन दांव पर हो, तो पाकिस्तान के खिलाफ मिले मौकों को गोल में बदलना बहुत ज़रूरी होगा।

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस महामुकाबले के दबाव को संभालते हुए अनुशासन बनाए रखना और अपने गेम प्लान पर टिके रहना होगा। वहीं, पाकिस्तान इस मौके का इस्तेमाल भारत के दबदबे को तोड़ने और अपने वर्ल्ड कप अभियान को पटरी पर लाने के लिए करना चाहेगा।

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