
रायपुर। प्रदेश में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और लू को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के लिए अहम निर्णय लिया है। विभाग ने ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव किया है, ताकि छोटे बच्चों को गर्मी से बचाया जा सके।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केंद्रों का समय 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है। यह निर्णय पूरी तरह बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
निर्देशों के मुताबिक, 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक सभी आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। वहीं, 23 अप्रैल से 30 जून 2026 के बीच बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक रखा गया है, ताकि वे तेज गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।
निर्धारित समय के दौरान बच्चों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE) गतिविधियां पहले की तरह जारी रहेंगी। साथ ही, पूरक पोषण आहार का वितरण भी नियमित रूप से किया जाएगा। विभाग ने साफ किया है कि सेवाओं की गुणवत्ता में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य जरूरी सेवाएं सुबह 11:00 बजे तक चलती रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने तय कार्यों को पूरा करेंगी। इसके अलावा, गृहभेंट के जरिए माताओं को पोषण संबंधी सलाह देने की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा। केंद्र बंद होने के बाद कार्यकर्ता घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएंगी।
विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। तेज गर्मी के बीच बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करें। साथ ही, जिला स्तरीय बैठकों में नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी निर्देश सही तरीके से लागू हो रहे हैं।
ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्र अपने सामान्य समय यानी सुबह 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।
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