
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई, जवानों के बलिदान और बस्तर में शांति एवं विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों को याद किया गया। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर 31 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी, माना में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली, मार्च पास्ट का निरीक्षण किया और उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ दिलाई। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता के दम पर 560 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराया था। उनके प्रयासों ने अखंड भारत की नींव रखी। उनका जीवन आज भी देश की एकता और अखंडता के लिए प्रेरणा देता है।
गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता का मतलब केवल देश की भौगोलिक सीमाओं को एकजुट रखना नहीं है, बल्कि हर नागरिक के भीतर देश के प्रति विश्वास, समर्पण और जिम्मेदारी की भावना पैदा करना भी है। सरदार पटेल के विचार आज भी देश की आंतरिक सुरक्षा और एकजुटता को मजबूत करने का रास्ता दिखाते हैं।
विजय शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस छत्तीसगढ़ के लिए खास महत्व रखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि एक समय देश के 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे। लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के सहयोग से अब हालात में बड़ा बदलाव आया है।
गृह मंत्री के मुताबिक, कभी नक्सली हिंसा और डर के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर के दूरदराज के इलाकों में अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई उम्मीद दिखाई दे रही है। कठिन परिस्थितियों में हमारे जवानों ने जिस साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम किया है, उसी की बदौलत बस्तर में शांति स्थापित करने की मजबूत जमीन तैयार हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सफलता सिर्फ सुरक्षा बलों की उपलब्धि नहीं है। इसमें बस्तर के लोगों का विश्वास, सहयोग और शांति की चाह भी शामिल है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद को समाप्त करना नहीं है। असली लक्ष्य बस्तर के हर गांव तक विकास की बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। बस्तर के जनजातीय समुदायों की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जरूरतों का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि बस्तर के लोग केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि अपने क्षेत्र के शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य के निर्माण में उनकी सबसे अहम भूमिका है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सरदार वल्लभभाई पटेल के अखंड और मजबूत भारत के सपने को पूरा करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। राष्ट्रीय एकता दिवस पर शांति, सुरक्षा, सामाजिक समरसता और विकास के जरिए छत्तीसगढ़ को देश के विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए।
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों की स्मृति में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने शहीद जवानों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। प्रदर्शनी में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस बल की कार्यप्रणाली, जवानों के साहस, शौर्य और बलिदान को दिखाया गया। इसके अलावा पुलिस विभाग की ओर से चलाई जा रही कल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी भी प्रदर्शित की गई। इस मौके पर विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति की जो स्थिति बन रही है, उसके पीछे हमारे जवानों का अदम्य साहस, त्याग और बलिदान है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए जान देने वाले इन वीर जवानों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
समारोह के दौरान गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। माना में मौजूद अतिथियों, अधिकारियों और नागरिकों ने सामूहिक रूप से इस राष्ट्रीय परेड को देखा। एकता नगर में आयोजित इस परेड में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियान में शामिल केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवानों ने हिस्सा लिया। सभी ने अपने अनुशासन, साहस और समर्पण का प्रदर्शन किया।
इस परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने भी प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। खास बात यह रही कि नक्सल विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले बस्तर फाइटर्स, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और स्पेशल टास्क फोर्स के जवान भी मार्च पास्ट में शामिल हुए। छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से डीएसपी बृज किशोर यादव ने परेड में टू-आईसी की जिम्मेदारी निभाई। वहीं डीएसपी अमृता पैंकरा के नेतृत्व में बस्तर फाइटर्स की महिला कमांडो ने मार्च पास्ट किया।
इसके अलावा डीएसपी कुलदीप बंजारे के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और डीएसपी ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जवानों ने भी परेड में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के इन विशेष पुलिस बलों की भागीदारी प्रदेश के लिए गौरव का विषय रही। खासतौर पर बस्तर में नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय महिला कमांडो और जवानों की मौजूदगी ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका को सामने रखा।
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में एक विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आयोजित की गई। इसमें छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के उदय से लेकर उसके खिलाफ संघर्ष और बस्तर में शांति स्थापित करने की यात्रा को मंच पर जीवंत किया गया। नाटक में नक्सलवाद की शुरुआत, उससे पैदा हुए हालात, सुरक्षा बलों के साहसिक अभियान, जवानों के बलिदान और स्थानीय लोगों की भावनाओं को प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया।
इस प्रस्तुति की खास बात यह रही कि इसमें बस्तर के युवाओं ने भी कलाकारों के रूप में हिस्सा लिया। उनके माध्यम से नक्सली हिंसा और भय से बाहर निकलकर शांति, विश्वास और विकास की ओर बढ़ते बस्तर की तस्वीर पेश की गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस भावपूर्ण प्रस्तुति की सराहना की। माना पुलिस ग्राउंड में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और आम नागरिक भी शामिल हुए।
माना में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में कई जनप्रतिनिधि और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी और मोतीलाल साहू शामिल हुए। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता और अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह में शहीद जवानों के परिजन, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भी भाग लिया। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष, जवानों के बलिदान और बस्तर के विकास का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया।
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