
रायपुर। बस्तर के गांवों में खेती अब सिर्फ फसल उगाने तक सीमित नहीं रह गई है। किसान खेती के साथ पशुपालन और दूसरे कृषि आधारित कामों को जोड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। बस्तर जिले के छिंदगांव की महिला किसान रैबाली कश्यप इसकी एक मिसाल हैं। उन्होंने एकीकृत कृषि को अपनाकर अपनी मेहनत को सालभर की आमदनी में बदल दिया है।
रैबाली कश्यप जागृति महिला समूह से जुड़ी हैं। पहले उनकी खेती से परिवार की बुनियादी जरूरतें ही पूरी हो पाती थीं। इसके बाद उन्होंने एकीकृत कृषि क्लस्टर से जुड़कर पारंपरिक खेती के साथ कई दूसरी गतिविधियां शुरू कीं। अब उनकी जमीन पर बकरीपालन, गायपालन, मुर्गीपालन, सुगंधित धान और सब्जियों की खेती एक साथ हो रही है।
रैबाली ने अपनी खेती को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर एक साथ कई काम शुरू किए। पशुपालन से उन्हें दूध, मांस और अंडे जैसी जरूरतें पूरी करने के साथ आय का अतिरिक्त जरिया मिला। वहीं सुगंधित धान और हरी सब्जियों की खेती से उन्हें फसल और बाजार दोनों स्तर पर लाभ मिलने लगा।
इस मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आमदनी किसी एक फसल पर निर्भर नहीं रहती। एक गतिविधि से कम आय होने पर दूसरी गतिविधि परिवार को आर्थिक सहारा देती है। इसी वजह से रैबाली के लिए खेती अब सिर्फ मौसमी कमाई का साधन नहीं रही।
एकीकृत कृषि मॉडल अपनाने के बाद रैबाली कश्यप की आर्थिक स्थिति में साफ बदलाव आया है। अलग-अलग गतिविधियों से उन्हें सालाना आय मिल रही है।
इन सभी गतिविधियों को मिलाकर रैबाली अब हर साल 1.50 लाख रुपये से अधिक का शुद्ध मुनाफा अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले काफी मजबूत हुई है।
एकीकृत खेती ने रैबाली को सिर्फ अतिरिक्त आय ही नहीं दी, बल्कि परिवार में उनकी भूमिका भी मजबूत की है। आज वह अपने परिवार का प्रमुख आर्थिक संबल बन चुकी हैं। बेहतर आमदनी से वह अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं। उनकी कहानी यह भी बताती है कि ग्रामीण महिलाएं अगर खेती से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से अपनाएं तो परिवार की आमदनी बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
रैबाली कश्यप की सफलता अब आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। वह दूसरे ग्रामीणों को खेती के साथ पशुपालन और अन्य कृषि गतिविधियों को जोड़ने की सलाह देती हैं। उनका संदेश साफ है- एकीकृत कृषि को अपनाएं, आमदनी बढ़ाएं और परिवार के लिए बेहतर एवं खुशहाल जीवन की नींव तैयार करें।
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