छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर 50% शुल्क रियायत मिल रही है। बिलासपुर की रचना सोनी ने इस छूट से करीब ₹35 हजार बचाए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत का सीधा फायदा बिलासपुर की रचना सोनी को मिला है। अपने नाम संपत्ति का पंजीयन कराने पर उन्होंने करीब 35 हजार रुपये बचाए। उनका कहना है कि इस राहत से रजिस्ट्री का खर्च कम हुआ और परिवार की आर्थिक योजना भी कुछ आसान हुई।
रचना सोनी के मुताबिक, संपत्ति खरीदने और उसके पंजीयन के दौरान कई तरह के खर्च सामने आते हैं। ऐसे में पंजीयन शुल्क में मिली छूट परिवार के लिए वास्तविक आर्थिक राहत बनकर सामने आई। बची हुई रकम को परिवार की दूसरी जरूरतों और भविष्य की आर्थिक योजना में लगाया जा सकता है।
महिलाओं के नाम Property Registration पर 50% की राहत
छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से जुड़े दस्तावेजों के पंजीयन शुल्क में रियायत दी है। इसके तहत महिलाओं के लिए पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है। यानी महिला के नाम संपत्ति पंजीयन कराने पर शुल्क में 50 प्रतिशत की कमी हो जाती है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व से जोड़ना और उनके नाम पर संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करना है। इसका एक सीधा आर्थिक फायदा भी है, क्योंकि संपत्ति की कीमत के हिसाब से पंजीयन शुल्क में बचने वाली राशि काफी महत्वपूर्ण हो सकती है।
रचना सोनी के लिए ₹35 हजार की बचत बनी आर्थिक राहत
बिलासपुर की रचना सोनी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि संपत्ति अपने नाम कराने के दौरान उन्हें पंजीयन शुल्क में मिली रियायत से लगभग 35 हजार रुपये की बचत हुई। उनके लिए यह सिर्फ रजिस्ट्री के खर्च में कमी नहीं थी, बल्कि परिवार के बजट पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ भी कम हुआ।
उन्होंने बताया कि संपत्ति अपने नाम होने से उन्हें स्वामित्व का अधिकार मिलने के साथ आर्थिक फैसलों में अपनी भागीदारी भी मजबूत महसूस हुई। उनके अनुसार, महिलाओं को संपत्ति के मालिकाना हक से जोड़ने वाली योजनाएं उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकती हैं।
Chhattisgarh Government Scheme: महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के तहत प्रदेश में नागरिक सेवाओं को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं। वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को आसान बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा देने के लिए शुल्क में यह रियायत दी गई है। इस व्यवस्था से महिला के नाम संपत्ति दर्ज कराने वाले परिवारों को सीधे आर्थिक लाभ मिल रहा है। साथ ही, संपत्ति के स्वामित्व में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में भी इसे एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ में सामने आ रहे हितग्राहियों के अनुभव
पंजीयन विभाग ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत लाभार्थियों से सीधे बातचीत कर रहा है। इसका मकसद यह समझना है कि सरकारी योजनाओं और विभागीय सुधारों का जमीनी स्तर पर लोगों को कितना फायदा मिल रहा है और उन्हें किन अनुभवों या दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रचना सोनी का अनुभव इसी संवाद का हिस्सा है। उनके मामले में पंजीयन शुल्क में राहत सीधे 35 हजार रुपये की बचत के रूप में सामने आई। उनके अनुसार, इस तरह की सुविधा से परिवार के खर्च को संभालने में मदद मिलती है और महिला के नाम संपत्ति होने से आर्थिक सुरक्षा का भाव भी मजबूत होता है।
संपत्ति के साथ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ी
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत का असर केवल रजिस्ट्री के समय होने वाली बचत तक सीमित नहीं है। महिला के नाम संपत्ति दर्ज होने से परिवार की संपत्ति में उनका कानूनी स्वामित्व भी जुड़ता है। रचना सोनी ने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार जताया। उनका कहना है कि महिलाओं को संपत्ति पंजीयन में मिलने वाली यह रियायत आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उपयोगी पहल है।


