
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य में सहकारी समितियों को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक दवाएं, बैंकिंग सेवाएं और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं सहकारी समितियों के माध्यम से आसानी से उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति का संचालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को केवल कृषि तक सीमित न रखकर उन्हें दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और लघु वनोपज जैसे कार्यों से भी जोड़ा जाए, ताकि किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर तैयार हो सकें।
मंत्रालय में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की बैठक में समितियों के गठन, उनकी कार्यप्रणाली और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान PACS गोदामों के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा भी की गई। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी जरूरी सेवाओं का विस्तार सहकारी समितियों के जरिए करने पर बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ग्रामीण नागरिकों तक सरकारी सुविधाएं तेज और आसान तरीके से पहुंचाई जाएं।
बैठक में राज्य की सभी PACS समितियों को राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं से जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। इसके तहत भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति की सदस्यता अनिवार्य रूप से दिलाने की योजना बनाई गई है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य की सहकारी समितियों को राष्ट्रीय बाजार और नई योजनाओं का लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव ने समर्थन मूल्य पर मक्का और दलहन की खरीदी को व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए किसानों और PACS समितियों का पंजीयन NCCF और NAFED के आधिकारिक पोर्टलों पर कराने को कहा गया है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं को मजबूत करने के लिए PACS, दुग्ध सहकारी समितियों और मत्स्य समितियों में माइक्रो एटीएम स्थापित करने की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा सभी सदस्यों को रूपे कार्ड और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य गांवों में डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देना और किसानों को बैंकिंग सेवाओं से सीधे जोड़ना है।
मुख्य सचिव ने राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्रों की स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि इस परियोजना पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। बैठक में जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग सेवा शुरू करने, PACS के कम्प्यूटरीकरण, पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की स्थापना और ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और आयुक्त सहकारिता श्री महादेव कावरे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा खाद्य, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, अपैक्स बैंक, NABARD, NCDC, FCI, राज्य भंडारगृह निगम, राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
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