Chhattisgarh News: 605 किसानों को करोड़ों का फायदा, कैसे बदली खेती की तस्वीर?

Published : Jun 05, 2026, 12:05 AM IST
Chhattisgarh News crop diversification

सार

आखिर धान छोड़कर मक्का की खेती करने वाले किसानों को इतना फायदा कैसे हुआ? 1700 रुपए प्रति क्विंटल का भाव किसानों की आय कैसे बढ़ा रहा है? किन किसानों ने लाखों रुपये की कमाई कर रिकॉर्ड बनाया? क्या मक्का खेती भविष्य की सबसे लाभकारी फसल बन सकती है? जानिए राजनांदगांव के किसानों की सफलता की पूरी कहानी।

रायपुर। कृषि क्षेत्र में फसल विविधीकरण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ भूमि की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल रहा है। पारंपरिक फसलों के स्थान पर अधिक लाभ देने वाली नई फसलों की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। इससे उन्हें बाजार में बेहतर मूल्य मिलने के साथ खेती से जुड़े जोखिम भी कम हो रहे हैं। विशेष रूप से धान की जगह मक्का की खेती अपनाना किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बनकर उभरा है। इससे जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता और आय बढ़ाने में सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।

राजनांदगांव में धान की जगह मक्का खेती से बढ़ी किसानों की कमाई

राजनांदगांव जिले में फसल चक्र परिवर्तन के तहत ग्रीष्मकालीन धान की जगह मक्का की खेती करने वाले किसानों को उल्लेखनीय आर्थिक लाभ मिला है। गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी के साथ अनुबंध खेती करने वाले किसानों ने उत्पादन और आय के मामले में नई उपलब्धियां हासिल की हैं। कंपनी ने जिले के किसानों से 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का पॉपकॉर्न मक्का खरीदा है, जिससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

605 किसानों ने की अनुबंध खेती, 1700 रुपए प्रति क्विंटल मिला भाव

रबी सीजन 2025-26 में गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी ने जिले के 605 किसानों के साथ अनुबंध कर 1763 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कराई। किसानों को औसतन 19.33 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कंपनी ने किसानों से 1700 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर मक्का खरीदा। कुल मिलाकर 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की उपज खरीदी गई। इसमें से अब तक 3.73 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है, जबकि शेष राशि का भुगतान लगातार किया जा रहा है।

पॉपकॉर्न मक्का उत्पादन में ललित कुमार साहू बने जिले के अग्रणी किसान

छुरिया विकासखंड के ग्राम भरीटोला के किसान ललित कुमार साहू ने 23.56 एकड़ क्षेत्र में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर जिले में सबसे अधिक क्षेत्र में मक्का उत्पादन करने का रिकॉर्ड बनाया। इस खेती से उन्हें 6.95 लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई। वहीं राजनांदगांव विकासखंड के किसान वेद प्रकाश चंद्राकर ने 9.5 एकड़ क्षेत्र में खेती कर प्रति एकड़ 32.66 क्विंटल का उत्कृष्ट उत्पादन हासिल किया। उन्हें इस खेती से 5.27 लाख रुपये से अधिक की कमाई हुई। इसी तरह ग्राम जमलेश्वर के किसान देवराम पटेल ने 35.5 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त कर लगभग 4.67 लाख रुपये की आय अर्जित की। इन किसानों की सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

मक्का खेती से जल संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता को मिल रहा फायदा

कृषि विभाग के अनुसार धान के स्थान पर मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने से किसानों को आर्थिक लाभ तो मिल ही रहा है, साथ ही जल संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। फसल विविधीकरण के इस मॉडल से कृषि क्षेत्र अधिक टिकाऊ बन रहा है और किसानों की निर्भरता एक ही फसल पर कम हो रही है।

सफल किसानों की कहानी बन रही अन्य किसानों के लिए प्रेरणा

राजनांदगांव जिले के किसानों द्वारा हासिल की गई यह सफलता आसपास के क्षेत्रों के किसानों को भी फसल चक्र परिवर्तन और वैकल्पिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और लाभकारी फसलों को अपनाएं तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

PREV

छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाएं, शिक्षा-रोजगार अपडेट्स, नक्सल क्षेत्र समाचार और स्थानीय विकास रिपोर्ट्स पढ़ें। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर क्षेत्र की खबरों के लिए Chhattisgarh News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — सबसे विश्वसनीय राज्य कवरेज यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

World Environment Day 2026: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को लेकर छत्तीसगढ़ राज्यपाल राज्यपाल रमेन डेका की खास अपील
Chhattisgarh News: रोज 10 मिनट ध्यान बदल सकता है आपकी जिंदगी? राज्यपाल रमेन डेका ने बताया तनाव खत्म करने का असरदार मंत्र