
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। सेवा संकल्प अभियान के तहत नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से ग्राम बोरानिरपी में पहली बार बिजली पहुंचाई गई है। इससे गांव के सभी 11 परिवारों को अब बिजली की सुविधा मिल सकेगी। वर्षों से इस बुनियादी सुविधा का इंतजार कर रहे ग्रामीणों के लिए यह बदलाव काफी मायने रखता है।
नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बोरानिरपी घने जंगलों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बसा है। यहां तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन के लिए हमेशा एक चुनौती रहा है। अब गांव में विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद सभी 11 परिवारों को बिजली की सुविधा उपलब्ध हो गई है। बिजली पहुंचने से अब ग्रामीणों के दैनिक जीवन में बदलाव आने की उम्मीद है। घरों में रोशनी होने से लेकर जरूरी विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल तक, कई ऐसी सुविधाएं मिल सकेंगी, जिनसे ये परिवार अब तक वंचित थे।
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना का उद्देश्य दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। इसी दिशा में सेवा संकल्प अभियान के तहत नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। ग्राम बोरानिरपी का विद्युतीकरण इसी प्रयास का हिस्सा है। इस योजना के माध्यम से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि इन इलाकों के लोगों को भी बेहतर जीवन जीने के अवसर मिल सकें।
ग्राम बोरानिरपी तक बिजली पहुंचाने का काम कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में पूरा किया गया। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के नारायणपुर संभाग ने गांव में विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक लाइन विस्तार और विद्युतीकरण का कार्य किया। अबूझमाड़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगलों और दूर-दूर बसी ग्रामीण आबादी के बीच बिजली की अधोसंरचना तैयार करना आसान नहीं था। इसके बावजूद विद्युत लाइन का विस्तार कर गांव के सभी 11 परिवारों तक बिजली पहुंचाई गई। इससे क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
ग्राम बोरानिरपी में बिजली पहुंचने का सबसे बड़ा फायदा बच्चों की पढ़ाई में देखने को मिल सकता है। अब घरों में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध होने से बच्चे शाम और रात के समय भी आसानी से पढ़ाई कर सकेंगे। इससे उनकी पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल तैयार होगा।
बिजली की सुविधा मिलने से ग्रामीणों को मोबाइल फोन चार्ज करने, पंखे चलाने और दूसरे जरूरी विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल करने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही संचार व्यवस्था बेहतर होने और शिक्षा, स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
बोरानिरपी में विद्युतीकरण से केवल घरों में रोशनी की सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में विकास की दूसरी गतिविधियों के लिए भी रास्ते खुल सकते हैं। बिजली उपलब्ध होने से पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने, छोटे कृषि आधारित उपकरणों के इस्तेमाल और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत होंगी। हालांकि, इन सुविधाओं का विस्तार आगे की योजनाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल गांव के सभी 11 परिवारों तक बिजली पहुंचना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
नियद नेल्लानार योजना के जरिए छत्तीसगढ़ शासन नारायणपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने का प्रयास कर रहा है। बिजली के साथ सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। ग्राम बोरानिरपी का पूर्ण विद्युतीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। वर्षों से बिजली की सुविधा का इंतजार कर रहे ग्रामीणों को अब इससे राहत मिलेगी। साथ ही, यह पहल अबूझमाड़ के दूसरे दूरस्थ गांवों तक भी जरूरी सुविधाएं पहुंचाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों को मजबूती देगी।
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