
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी पहचान बनाने वाले एथलीट अनिमेष कुजूर ने प्रदेश का मान बढ़ाया है। एशियन गेम्स 2026 की 4×100 मीटर मिक्स्ड रिले स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले अनिमेष से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुलाकात की और उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। 16 अक्टूबर को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अनिमेष के प्रदर्शन, प्रशिक्षण और अब तक के खेल सफर के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनिमेष की सफलता पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।
अनिमेष कुजूर ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए 4×100 मीटर मिक्स्ड रिले में कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में भारतीय टीम ने 41.06 सेकंड का समय दर्ज किया और राष्ट्रीय रिकॉर्ड में भी सुधार किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में पदक जीतना अनिमेष के करियर की अहम उपलब्धि है। उनके प्रदर्शन ने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की प्रतिभा को एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अनिमेष की मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि जशपुर की धरती के बेटे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करके पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, छोटे से गांव से निकलकर देश के लिए पदक जीतना दूसरे युवाओं को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। अनिमेष की उपलब्धि यह संदेश देती है कि सही प्रशिक्षण, मेहनत और अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ी भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।
अनिमेष कुजूर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी थाना क्षेत्र के ग्राम घुईटांगर के रहने वाले एथलीट हैं। उन्होंने एथलेटिक्स में अपने प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई और एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन में देश का प्रतिनिधित्व किया। 4×100 मीटर मिक्स्ड रिले में कांस्य पदक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं। उनका सफर प्रदेश के ग्रामीण और जनजातीय इलाकों के उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो खेलों में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस्तर, सरगुजा और जशपुर जैसे इलाकों में कई युवा खिलाड़ी अपनी क्षमता दिखा सकते हैं, जरूरत है तो उन्हें सही समय पर अवसर और बेहतर सुविधाएं देने की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं की शुरुआती स्तर पर पहचान करने, आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और खेल अधोसंरचना को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे देश और राज्य के लिए अधिक पदक जीत सकें।
मुलाकात के दौरान अनिमेष कुजूर ने मुख्यमंत्री के साथ अपने खेल अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं और इसी समर्पण के साथ आगे बढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। इस मौके पर अनिमेष के पिता अमृत कुजूर, माता रीना कुजूर, एथलेटिक्स एसोसिएशन के पदाधिकारी और खेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे। अनिमेष की उपलब्धि केवल एक पदक तक सीमित नहीं है। यह छत्तीसगढ़ के उभरते खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण है कि लगातार मेहनत और सही अवसरों के सहारे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।
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