
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी निश्चय योजना के अंतर्गत केंद्रीय जेल और महिला जेल रायपुर में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ाना है। निश्चय कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य युवा बंदियों को दोबारा अपराध की ओर जाने से रोकना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
इस योजना के तहत बंदियों को मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, अपराध बोध की समझ, और रोजगार आधारित कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही रिहाई के बाद स्वरोजगार शुरू करने के लिए बैंक के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह कार्यक्रम उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री सचिव Rahul Bhagat के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
समारोह के दौरान प्रशिक्षण पूरा करने वाले कुल 67 बंदियों को कौशल विकास प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनियां और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं। जेल प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से बंदियों को रिहाई के बाद रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय जेल रायपुर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल परिसर के भीतर ही कंप्यूटर का बेसिक और एडवांस प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल से बंदियों की डिजिटल जानकारी बढ़ेगी और रिहाई के बाद नौकरी या व्यवसाय के अवसर भी बढ़ेंगे।
बंदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए 13 मई 2026 को Indian Overseas Bank द्वारा केंद्रीय जेल परिसर में लोन मेले का आयोजन किया जाएगा। इस लोन मेले का उद्देश्य रिहा होने वाले बंदियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक नया जीवन शुरू कर सकें।
इस अवसर पर Himanshu Gupta, Yogesh Singh Kshatri और Garima Pandey सहित जेल प्रशासन के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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