
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन के सभागार में राज्य के शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने योजना की आधिकारिक पुस्तिका (ब्रोशर) का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना कर्मचारी कल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को जरूरत के समय सम्मानजनक, त्वरित और सरल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासकीय कर्मचारी राज्य के विकास की मजबूत नींव हैं। यदि कर्मचारी आर्थिक चिंताओं से मुक्त रहेंगे तो वे पूरी क्षमता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। इससे शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना और भी आसान होगा।
उन्होंने कहा कि आकस्मिक परिस्थितियों में कर्मचारियों को अब निजी साहूकारों या अधिक ब्याज पर ऋण लेने की मजबूरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने ऐसी व्यवस्था तैयार की है, जिसके माध्यम से पात्र कर्मचारी बिना अनावश्यक कागजी प्रक्रिया के आसानी से अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त विभाग ने इस योजना को सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से ई-कोष प्रणाली से जोड़ दिया है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी बनाई गई है। इस व्यवस्था से राज्य सरकार पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा। उन्होंने इस नवाचार के लिए वित्त विभाग की पूरी टीम की सराहना करते हुए सभी शासकीय कर्मचारियों से विकसित छत्तीसगढ़ और सुशासन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रशासनिक सुधारों और कर्मचारी हितों से जुड़े फैसले ले रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने के बाद अब वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना शुरू की गई है, जिसके तहत जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को बिना ब्याज वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने जानकारी दी कि योजना के पायलट चरण के केवल दो महीनों में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने अपना पंजीयन कराया है, जबकि 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ भी ले चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से कर्मचारी ऐसी सुविधा की मांग कर रहे थे। यह योजना आकस्मिक परिस्थितियों में कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक और समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार के अनुसार यह पूरी सुविधा ई-कोष प्रणाली से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर में जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के दौरान ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण और आवश्यक सहमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋण स्वीकृति और राशि का वितरण तेजी से किया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, संचालक (बजट एवं वित्त) श्री ऋषभ पराशर, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री चंद्रकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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