छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती, फॉर्च्यून मैदा के बैच की बिक्री पर लगी रोक

Published : Oct 08, 2026, 03:44 PM IST
Vishnu Deo Sai

सार

Fortune Maida: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में पनीर में निर्धारित सीमा से 77% अधिक वेजिटेबल फैट मिला, जिसके बाद इसे असुरक्षित घोषित किया गया। वहीं, फॉर्च्यून मैदा के बैच नंबर FAMD50059A की बिक्री और वितरण पर तत्काल रोक लगा दी गई है।

Fortune Maida Ban: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर जांच अभियान तेज किया है। इस दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने के साथ कई खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर विभाग ने कार्रवाई शुरू की है।

पनीर की जांच में मिली बड़ी गड़बड़ी

गौरेला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने पनीर का नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में पनीर में वेजिटेबल फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक पाई गई। खाद्य विश्लेषक ने संबंधित पनीर को असुरक्षित घोषित किया है।

विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में तय गुणवत्ता मानकों का पालन जरूरी है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फॉर्च्यून मैदा के इस बैच की बिक्री पर रोक

जिले में जांच के दौरान फॉर्च्यून मैदा के बैच नंबर FAMD50059A को लेकर भी कार्रवाई की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इस संबंधित बैच की बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया है।

विभाग ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया है कि प्रतिबंधित बैच के उत्पाद की बिक्री या वितरण न करें और खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

मैगी, साबूदाना समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए

खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत जिले के अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। इसी क्रम में गृहस्थी सुपर बाजार से मैगी और साबूदाना के नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा 786 बिरयानी सेंटर और हरी कन्फेक्शनरी से भी विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संकलित किए गए हैं।

सभी नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य कारोबारियों को नियमों के पालन के निर्देश

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कारोबारियों को खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के दौरान स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने साफ किया है कि अमानक या असुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खरीदारी करते समय इन चीजों की करें जांच

प्रशासन ने आम लोगों से भी खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतने की अपील की है। उपभोक्ताओं को पैकेट पर निर्माण तिथि, अवसान तिथि, लेबल, पैकेजिंग और अन्य जरूरी विवरण जांचने की सलाह दी गई है।

संदिग्ध गुणवत्ता, खराब पैकेजिंग या एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थों को खरीदने और इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी गई है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की आशंका होने पर संबंधित विभाग को सूचना देने की अपील भी की गई है।

जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण और खाद्य पदार्थों के नमूने लेने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इसका उद्देश्य बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की निगरानी करना है।

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