जशपुर के किसानों के लिए बड़ी खबर: खरीफ सीजन में खाद-बीज और लोन की टेंशन खत्म! जमाखोरी करने वालों पर पैनी नजर

Published : Jun 18, 2026, 05:19 PM IST
jashpur kharif season fertilizer

सार

Chhattisgarh Farmers Update: खरीफ सीजन से पहले जशपुर में किसानों के लिए खाद, बीज और कृषि ऋण की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गई है। 44 सहकारी समितियों में हजारों टन उर्वरक और धान बीज उपलब्ध हैं। प्रशासन कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। 

रायपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के किसान भाइयों के लिए इस खरीफ सीजन से जुड़ी बेहद काम की खबर है। खेती-किसानी के इस अहम समय में आपको खाद, बीज या पैसों (कृषि ऋण) की कोई कमी नहीं होने वाली है। कृषि एवं सहकारिता विभाग ने आपस में तालमेल बिठाकर जिले की 'आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों' में जरूरत का सारा सामान पहले से ही जमा (भंडारण) कर लिया है। सबसे अच्छी बात यह है कि कोई आपकी मजबूरी का फायदा न उठा सके, इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। खाद-बीज की कालाबाजारी, जमाखोरी (Illegal Hoarding) और अवैध बिक्री को रोकने के लिए अधिकारी लगातार दुकानों और केंद्रों की चेकिंग कर रहे हैं। अगर आप जशपुर के किसान हैं, तो यहां जानिए इस बार आपको क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं...

वैज्ञानिक खेती और जमीन की सेहत पर बड़ा फोकस

उप संचालक कृषि एमआर भगत ने इस बारे में बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इस बार किसानों को 'इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय' की सलाह (अनुशंसाओं) के हिसाब से ही खाद बांटी जा रही है। विभाग का पूरा जोर इस बात पर है कि किसान भाई जरूरत के मुताबिक संतुलित खाद का ही इस्तेमाल करें। जमीन की उपजाऊ शक्ति (उर्वरता) और पैदावार बढ़ाने के लिए हरी खाद और जैविक (Organic) विकल्पों को ज्यादा से ज्यादा अपनाएं। इसके लिए कृषि विभाग की टीम खुद गांव-गांव पहुंच रही है और किसानों को वैज्ञानिक खेती और मिट्टी की सेहत सुधारने (मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन) के गुर सिखा रही है।

सोसायटियों की संख्या दोगुनी, अब नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर

किसानों को सबसे बड़ी राहत सोसायटियों के चक्कर काटने और लंबी लाइनों से मिली है। प्रशासन ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। जशपुर जिले की सभी 44 सहकारी समितियों में खाद और धान के बीज का बंपर स्टॉक रखा गया है, जिसे मांग के अनुसार लगातार और बढ़ाया भी जा रहा है:

1. जिले में कुल 9,285 मीट्रिक टन अलग-अलग तरह की रासायनिक खाद का भंडारण किया गया है। इसमें से 3,681 मीट्रिक टन खाद पहले ही किसानों को बांटी जा चुकी है।

2.किसानों के लिए कुल 6,836 क्विंटल धान बीज गोदामों में जमा किया गया है, जिसमें से 1,872 क्विंटल उत्तम क्वालिटी का बीज किसानों के खेतों तक पहुंच भी चुका है।

कृषि लोन: ₹37 करोड़ से ज्यादा की बड़ी मदद

खेती की लागत निकालने और समय पर सही निवेश करने के लिए जिले के किसानों को सरकारी लोन (कृषि ऋण) देने का काम भी रिकॉर्ड तोड़ तेजी से चल रहा है। सहकारी समितियों के जरिए अब तक कुल 10,187 किसानों को 37 करोड़ 79 लाख 12 हजार रुपए का कृषि लोन दिया जा चुका है। इस लोन को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला नगद लोन (Cash Component), जिसमें ₹31 करोड़ 33 लाख 08 हजार लोन दिए गए। दूसरा वस्तु ऋण (Kind Component), जिसमें ₹6 करोड़ 46 लाख 04 हजार रुपए मूल्य की खाद-बीज जैसी सामग्री के रूप में दिए गए।

अधिकारियों की कड़क चेकिंग, गड़बड़ी करने वालों की खैर नहीं

कृषि विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि जिले के किसी भी किसान को खाद, बीज या लोन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए एक फुलप्रूफ चेकिंग सिस्टम बनाया गया है। सभी सरकारी सहकारी समितियों और प्राइवेट खाद-बीज बेचने वाले केंद्रों (निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों) की नियमित जांच हो रही है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी खुद मैदान में उतरकर हर केंद्र का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और पल-पल की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अगर जशपुर जिले में कोई भी दुकानदार या केंद्र आपसे ज्यादा पैसे मांगता है, जमाखोरी करता है या किसी भी तरह की गड़बड़ी (अनियमितता) करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन या कृषि विभाग के अधिकारियों को दें, ताकि उस पर समय रहते सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

कृषि विभाग की किसानों से जरूरी अपील

विभाग ने सभी किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि वे वैज्ञानिकों की बताई सलाह के अनुसार ही सही मात्रा में खाद डालें। खेती में हरी खाद और जैविक तरीकों को बढ़ावा दें ताकि आपकी जमीन हमेशा उपजाऊ बनी रहे।

 

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