
रायपुर। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उत्साह से सराबोर जशपुर के रंजीता स्टेडियम में भव्य दही हांडी उत्सव का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल भी इस आयोजन में शामिल हुए। हजारों श्रद्धालुओं और गोविंदा टोलियों की मौजूदगी ने पूरे कार्यक्रम को खास बना दिया। स्टेडियम परिसर में लगातार भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे और माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने उत्सव में पहुंचकर श्रद्धालुओं और गोविंदा टोलियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने सभी को दही हांडी उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा, धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। उनके मुताबिक दही हांडी जैसे पारंपरिक आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का भी काम करते हैं।
जशपुर के रंजीता स्टेडियम में आयोजित दही हांडी उत्सव का सबसे रोमांचक हिस्सा गोविंदा टोलियों का प्रदर्शन रहा। एक-दूसरे के कंधों पर चढ़ते हुए गोविंदाओं ने ऊंचाई पर लटकी दही हांडी तक पहुंचने की कोशिश की। इस दौरान उनके साहस, अनुशासन, आपसी विश्वास और सामूहिक प्रयास की झलक देखने को मिली। दही हांडी फूटते ही पूरा स्टेडियम ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा। दर्शकों ने भी गोविंदाओं का जमकर उत्साह बढ़ाया।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दही हांडी सिर्फ मनोरंजन या उत्सव का अवसर नहीं है। यह सामूहिक शक्ति, सहयोग और विश्वास का प्रतीक भी है। उनका कहना था कि जब लोग मिलकर किसी लक्ष्य के लिए आगे बढ़ते हैं, तो मुश्किल से मुश्किल काम भी आसान हो जाता है। गोविंदा टोलियों में हर सदस्य दूसरे पर भरोसा करते हुए अपनी भूमिका निभाता है और यही एकजुटता समाज की बड़ी ताकत बनती है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और अलग-अलग धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से बनी है। दही हांडी जैसे उत्सव इन परंपराओं को जीवित रखने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि संस्कृति किसी भी समाज की पहचान होती है। ऐसे पर्व नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और विरासत से जोड़ने का काम करते हैं। इसलिए जरूरी है कि इन परंपराओं को संरक्षित किया जाए और आने वाली पीढ़ियों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश को भी आज के समय में प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रेम, सद्भाव, कर्तव्य और लोककल्याण से जुड़े कृष्ण के आदर्श समाज को सही दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
रंजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। गोविंदा टोलियों के प्रदर्शन के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। पूरा स्टेडियम कृष्ण भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। ऐसे मौकों पर लोग आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर एक साथ त्योहार मनाते हैं। इससे समाज में सहयोग, सद्भाव और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने और प्रेम, शांति तथा भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाने की अपील की।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दही हांडी उत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, गोविंदा टोलियों और कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि जशपुर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराएं जिले की खास पहचान हैं। इस तरह के आयोजन न केवल जशपुर की सांस्कृतिक जीवंतता को प्रदेश और देश के सामने लाते हैं, बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
दही हांडी उत्सव के दौरान कृष्ण भक्ति से जुड़े गीतों और भजनों ने माहौल को और खुशनुमा बना दिया। भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु उत्साह से झूमते नजर आए। “तेरे नैना हेरत हेरत, माखन चुराए नंदलाल…” जैसे भक्ति भाव से जुड़े गीतों ने पूरे परिसर को कृष्णमय कर दिया।
उमंग, भक्ति और उल्लास से भरे इस आयोजन में जशपुर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता एक साथ दिखाई दी। दही हांडी उत्सव ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व लोगों को जोड़ने और अपनी विरासत को आगे बढ़ाने का मजबूत माध्यम हैं।
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