Chhattisgarh Rain: छत्तीसगढ़ में 3 दिन की भारी बारिश से इंद्रावती, शिवनाथ और महानदी उफान पर हैं। बस्तर से रायपुर तक सड़कें डूब गई हैं, कई जिलों का संपर्क टूट गया है।

Chhattisgarh Heavy Rain: छत्तीसगढ़ में बीते 72 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के मैदानी इलाकों से लेकर बस्तर के जंगलों तक सिर्फ और सिर्फ पानी का सैलाब नजर आ रहा है। रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग की प्रमुख नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। बस्तियों में पानी घुसने और कई मुख्य रास्तों का संपर्क टूटने के बाद सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों की सुरक्षा के लिए शनिवार को राज्य के सभी सरकारी, प्राइवेट और एडेड स्कूलों में ताला लगाने यानी छुट्टी रखने का आदेश दिया।

बड़ी नदियां उफान पर, खतरे के निशान से ऊपर बह रहा पानी

इंद्रावती नदी

लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के तीनों बड़े नदी बेसिन इस समय खतरे की जद में हैं। बस्तर इलाके में इंद्रावती नदी रौद्र रूप ले चुकी है और खतरे के निशान से लगभग 7 फीट ऊपर बह रही है। नदी के तटीय गांवों और निचले कस्बों में पानी भर चुका है।

महानदी और गंगरेल डैम

धमतरी स्थित गंगरेल बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं, जिसके चलते महानदी में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों में अलर्ट सायरन बजा दिया गया है।

शिवनाथ नदी

दुर्ग संभाग में शिवनाथ नदी के उफान पर आने से तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति बन गई है। कई कॉलोनियों में पानी भर गया है और लोगों को नावों के जरिए बाहर निकाला जा रहा है।

रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे ठप

बाढ़ की मार यातायात पर पड़ी है। रायपुर को बस्तर से जोड़ने वाला मुख्य रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे कई जगहों पर पानी में डूबने के कारण बंद हो गया है। मुख्य सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी बह रहा है। दर्जनों छोटे पुल-पुलिया डूब चुके हैं, जिससे कई अंदरूनी गांवों का जिला मुख्यालयों से सीधा संपर्क कट चुका है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेड लगाकर लोगों को जलभराव वाले रास्तों पर जाने से रोक दिया है।

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राहत शिविरों में पहुंचाए जा रहे लोग

बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात संभालने के लिए राहत और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। दुर्ग और बस्तर के बाढ़ प्रभावित इलाकों से फंसे हुए सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकालकर शेल्टर होम्स और राहत कैंपों में पहुंचाया गया है। सीएम विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टर्स को 24 घंटे अलर्ट रहने, फील्ड में रहकर स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरी मदद तुरंत पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक कोई बहुत जरूरी काम न हो, उफनती नदियों, नालों या जलभराव वाले इलाकों की तरफ सफर करने से बचें।