गरियाबंद न्यूज: छत्तीसगढ़ में नक्सली संगठनों को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा बलों ने गरियाबंद में मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली नेता को मार गिराया है। गरियाबंद से अब तक 16 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। बुधवार को भी सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि गरियाबंद में 60 से ज्यादा नक्सलियों का जमावड़ा है। इसमें कई शीर्ष नेता भी शामिल हैं। इसके बाद रविवार को जवानों ने कार्रवाई की। जवानों का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाने वाला शीर्ष नक्सली नेता जयराम रेड्डी भी मुठभेड़ में मारा गया है।
मुठभेड़ में मारे गए जयराम रेड्डी के सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था। वह सुरक्षा बलों पर कई आत्मघाती हमलों का मास्टरमाइंड था। आंध्र का रहने वाला यह नक्सली 2014 से छत्तीसगढ़ में सक्रिय था। बस्तर के अबूझमाड़ में सेना की बढ़ती सक्रियता के बाद उसने अपना ठिकाना बदल लिया था। वह गरियाबंद शिफ्ट हो गया था। मंगलवार को जवानों ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया।
नारायण रेड्डी की उम्र 61 साल बताई जा रही है। वह नक्सलियों का शीर्ष नेता था। उसकी सुरक्षा के लिए हमेशा 10 से 12 नक्सली मौजूद रहते थे। वह हमेशा आधुनिक हथियारों से लैस रहता था। बताया जा रहा है कि जयराम रेड्डी ने अपने से 37 साल छोटी लड़की से शादी की थी। उसकी पत्नी का नाम अरुणा है। वह भी नक्सली संगठन में सक्रिय थी। छत्तीसगढ़ में फोर्स के बढ़ते दबाव के चलते नक्सली अपना ठिकाना बदल रहे हैं।
जंगलों में रहने के दौरान जयराम उर्फ चलपति की दोस्ती आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) की 'डिप्टी कमांडर' अरुणा उर्फ चैतन्य वेंकट रवि से हो गई। इसके बाद चलपति ने उससे शादी कर ली। अरुणा, चलपति से 37 साल छोटी हैं। अरुणा की सेल्फी जयराम रेड्डी की मौत का कारण बनी। जवानों ने बताया कि अरुणा के साथ ली गई सेल्फी से नारायण रेड्डी की पहचान हुई और जवानों ने ऑपरेशन चलाकर उसे मुठभेड़ में मार गिराया।
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मुठभेड़ में मारे गए जयराम रेड्डी के सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। अधिकारियों का दावा है कि जयराम रेड्डी जंगलों में बेहद दुर्गम जगहों पर रहता था। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि मृतकों में से एक की पहचान रामचंद्र रेड्डी उर्फ जयराम उर्फ चलपति के रूप में हुई है, जो सीपीआई (माओवादी) का केंद्रीय समिति सदस्य था और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम था।
अखबार में मुठभेड़ की जानकारी मिलने के बाद ससुर लक्ष्मण राव अपने दामाद का शव लेने आंध्र प्रदेश से रायपुर पहुंचे। यहां उन्होंने शव की पहचान की और शव की मांग भी की। इसके बाद उन्होंने कहा कि उनकी बेटी का शव बरामद नहीं हुआ है। हो सकता है कि वह जंगल में हो। चलपति के ससुर लक्ष्मण ने अपनी बेटी से मिलने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि वो अखबार में अरूणा के बारे में भी पढ़ा है।
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