
रायगढ़। रायगढ़ में सेवा ही संकल्प अभियान के तहत खर्राघाट में केलो नदी की स्वच्छता के लिए बड़े स्तर पर श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन की ओर से आयोजित इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, अधिकारियों-कर्मचारियों और शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। करीब 800 से अधिक लोगों ने एकजुट होकर केलो नदी और उसके दोनों तटों की सफाई की। अभियान का मकसद नदी को स्वच्छ रखने के साथ शहरवासियों में स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, एमआईसी सदस्य और पार्षदों समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य तथा अलग-अलग विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी सफाई अभियान का हिस्सा बने।
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महापौर जीवर्धन चौहान और एमआईसी सदस्य आनंद भगत खुद नदी में उतरे। उन्होंने तैरते हुए केलो नदी को पार किया और नदी के भीतर मौजूद मूर्ति विसर्जन के अवशेष, फूल-पत्तियां और अन्य कचरा बाहर निकाला। जनप्रतिनिधियों के इस तरह सीधे सफाई में उतरने से अभियान में शामिल लोगों का उत्साह भी बढ़ा।
खर्राघाट के दोनों छोर और पुल पर बड़ी संख्या में लोग मानव श्रृंखला बनाकर श्रमदान करते रहे। नदी के दोनों किनारों पर एक साथ सफाई अभियान चलाया गया। खर्राघाट पुल के नीचे मूर्ति विसर्जन के बाद फंसे फूल-पत्तियां, झाड़ियां और दूसरे अवशेष निकालने के लिए जेसीबी मशीन के साथ रस्सियों और अन्य संसाधनों की मदद ली गई। नदी के भीतर और उसके किनारों पर जमा कचरे को हटाकर लोगों ने स्वच्छता का संदेश दिया।
नगर निगम कमिश्नर श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने अभियान में शामिल सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और शहरवासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केलो नदी को स्वच्छ रखना केवल नगर निगम या जिला प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। यह पूरे शहर की सामूहिक जिम्मेदारी है। बड़ी संख्या में नागरिकों और सामाजिक संगठनों का एक साथ आकर श्रमदान करना स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी की सकारात्मक मिसाल है।
कमिश्नर ने शहरवासियों से अपील की कि केलो नदी और उसके तटों को साफ रखने के लिए नदी में किसी भी तरह का कचरा, पूजन सामग्री या अन्य अपशिष्ट न डालें। उन्होंने लोगों से घर और आसपास भी साफ-सफाई रखने तथा कचरा खुले में न फेंककर नगर निगम के स्वच्छता वाहनों को ही देने की अपील की।
उन्होंने नागरिकों से गीला कचरा, सूखा कचरा, हजार्डस वेस्ट और विशेष केयर वाले कचरे के लिए अलग-अलग चार डस्टबिन रखने और घर से ही कचरे का सही तरीके से पृथक्करण करने को कहा। कमिश्नर ने यह भी कहा कि हर नागरिक खुद स्वच्छता का पालन करे और अपने परिवार, पड़ोसियों तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करे। साथ ही नगर निगम की ओर से चलाए जाने वाले स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
श्रमदान में शामिल लोगों ने शहर को स्वच्छ रखने, कचरा खुले में नहीं फेंकने, नगर निगम के स्वच्छता वाहनों को ही कचरा देने और स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण करने का संकल्प लिया। केलो नदी की सफाई के जरिए अभियान ने स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त रायगढ़ बनाने के लिए जनभागीदारी को और मजबूत करने का संदेश दिया।
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