
रायपुर। रक्षाबंधन के मौके पर जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई में भाई-बहन के स्नेह और विश्वास की खास झलक देखने को मिली। यहां आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पहुंचे तो क्षेत्र की महिलाओं ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। बहनों के इस स्नेह से मुख्यमंत्री भी अभिभूत नजर आए। उन्होंने महिलाओं से बातचीत की, उनकी बातें सुनीं और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और क्षेत्र की बहनों के बीच संवाद का माहौल काफी आत्मीय रहा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है। यह विश्वास, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प से भी जुड़ा है। बहन जब भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो उसके साथ जीवनभर सम्मान और सुख-दुःख में साथ खड़े रहने की जिम्मेदारी भी जुड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं और बहनों से मिल रहा स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए सौभाग्य की बात है।
मुख्यमंत्री ने बहनों से कहा कि उन्होंने जो विश्वास और स्नेह उन्हें दिया है, उसे कायम रखना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि बहनों और क्षेत्र की जनता का सिर हमेशा ऊंचा रहे और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। साय ने कहा कि माताओं और बहनों का सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली परिवार को मजबूत बनाता है। मजबूत परिवारों के आधार पर ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।
रक्षाबंधन के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की मांगों पर कई विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें घासीमुंडा की जर्जर प्राथमिक शाला के स्थान पर नया स्कूल भवन, केरसई तालाब का सौंदर्यीकरण और केरसई में मिनी स्टेडियम शामिल है। इसके अलावा केरसई और घासीमुंडा के बजरंग बली मंदिरों के जीर्णोद्धार की घोषणा भी की गई। मुख्य मार्ग से अरुण के घर तक सीसी सड़क, ग्राम पंचायत कोहपानी के गढ़वामुड़ा यादव बस्ती में सामुदायिक भवन और घासीमुंडा में सामुदायिक भवन बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केरसई क्षेत्र में करीब 84.69 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और सामुदायिक भवन जैसी जरूरी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में गांवों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है और आगे भी क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार नए कार्य स्वीकृत किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकताओं में बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की करीब 68 लाख बहनों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है। महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई, सिलाई-कढ़ाई और अन्य आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस आर्थिक मदद से महिलाओं की आर्थिक स्थिति के साथ उनका आत्मविश्वास और परिवार से जुड़े फैसलों में उनकी भूमिका भी मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब पारंपरिक कामों तक सीमित नहीं हैं। ड्रोन दीदियों के जरिए वे आधुनिक तकनीक से जुड़ रही हैं और आय के नए साधन तलाश रही हैं। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले की महिलाओं को 50 ई-रिक्शा दिए जाने से उनके लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि गांव की हर महिला को उसकी रुचि और क्षमता के हिसाब से आजीविका का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के हाथ में आर्थिक शक्ति आने का सीधा असर परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए भी लगातार काम कर रही है। प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के घर जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का मकान सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नींव है।
मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के जरिए ऐसे लोगों को धार्मिक और तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है, जो आर्थिक या अन्य कारणों से वहां नहीं जा पाते थे। इन योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को उनकी आस्था से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से प्रदेश के दूरस्थ और प्रभावित इलाकों में विकास के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले विकास कार्यों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था, वहां अब सड़क, बिजली, पानी, राशन और दूरसंचार जैसी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सुरक्षा और विकास, दोनों मोर्चों पर काम कर रही है। गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा सभी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि आम लोग अपनी समस्या या शिकायत इस हेल्पलाइन के माध्यम से सीधे दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन को ज्यादा जवाबदेह बनाने और लोगों की समस्याओं का सरल तरीके से समाधान करने में यह माध्यम महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से मुख्यमंत्री बिजली बिल राहत योजना का लाभ लेने की अपील की। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों में सौर पैनल लगवाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली का खर्च कम करने में मदद मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर सरकार का विशेष ध्यान है। जिले में मेडिकल कॉलेज के साथ एमसीएच यूनिट, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि जशपुर के लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े और जिले में ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने भी क्षेत्रवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज पूरे प्रदेश की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद रक्षाबंधन पर बहनों के बीच पहुंच रहे हैं, राखी बंधवा रहे हैं और उनसे बातचीत कर रहे हैं। यह माताओं और बहनों के साथ उनके आत्मीय रिश्ते को दिखाता है। गोमती साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांगें पूरी हो रही हैं और जशपुर लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को भी लाभ दिया। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिका आयुषी को पासबुक प्रदान की गई। वहीं, स्वामित्व योजना के तहत कौशल्या पैंकरा, कमला बाई, लालो, ज्योति बाई और सुमेत्रा खैरवार को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने सरस्वती स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपये का चेक भी सौंपा। उन्होंने समूह की महिलाओं से बातचीत कर उन्हें अपनी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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