
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 7 अक्टूबर की शाम दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) कैंपस क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आर्ट्स फैकल्टी के बाहर महिला छात्रों से बातचीत कर उनकी सुरक्षा और रोजमर्रा की परेशानियों को सीधे सुना। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ इलाके का निरीक्षण भी किया।
निरीक्षण के दौरान कैंपस और उसके आसपास कई ऐसी कमियां सामने आईं, जिनका सीधा संबंध छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा से है। इनमें अंधेरे वाले स्थान यानी डार्क स्पॉट, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की कमी, खराब फुटपाथ, CCTV कैमरों की कवरेज में गैप और जगह-जगह जमा कचरा शामिल है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला छात्रों से बातचीत के दौरान यह समझने की कोशिश की कि कैंपस में उन्हें किन जगहों और किन परिस्थितियों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस तरह का सीधा संवाद प्रशासन को जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने में मदद करता है। आर्ट्स फैकल्टी के बाहर छात्राओं से बातचीत के दौरान सामने आई चिंताओं को निरीक्षण में भी परखा गया। खास तौर पर शाम और रात के समय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी सुविधाओं की स्थिति पर ध्यान दिया गया।
Visited the Delhi University campus area and interacted with women students outside the Arts Faculty to hear their concerns firsthand.
During the inspection, several issues were identified, including dark spots, inadequate street lighting, damaged footpaths, gaps in CCTV coverage, and waste accumulation.
Officials have been directed to address each concern without delay, and compliance will be closely monitored.
The safety and security of our students are non-negotiable. No lapses will be tolerated.
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) October 8, 2026
निरीक्षण में कुछ हिस्सों में पर्याप्त रोशनी नहीं होने की समस्या सामने आई। डार्क स्पॉट और कमजोर स्ट्रीट लाइटिंग छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से अहम मुद्दे हैं, खासकर उन रास्तों पर जहां शाम के बाद आवाजाही बनी रहती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे स्थानों की पहचान कर जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए। उद्देश्य सिर्फ लाइट लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे इलाके को सुरक्षित और बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने लायक बनाना है।
कैंपस क्षेत्र में CCTV कवरेज में भी कुछ गैप पाए गए। सुरक्षा व्यवस्था में निगरानी कैमरों की भूमिका महत्वपूर्ण है, ऐसे में जिन हिस्सों में कैमरों की पहुंच नहीं है, वहां व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा कई जगहों पर फुटपाथ खराब मिले। टूटे या क्षतिग्रस्त फुटपाथ न सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए परेशानी पैदा करते हैं, बल्कि सड़क और फुटपाथ के बीच सुरक्षित आवाजाही को भी प्रभावित करते हैं।
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर कचरा जमा होने की समस्या भी सामने आई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसे भी तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए हैं। यानी निरीक्षण का फोकस केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लाइटिंग, पैदल मार्ग और सफाई जैसे रोजमर्रा से जुड़े मुद्दों को भी इसमें शामिल किया गया।
अधिकारियों को सभी चिन्हित समस्याओं पर बिना देरी कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही किए गए काम की Compliance Review यानी अनुपालन की समीक्षा भी की जाएगी। इसका मतलब है कि सिर्फ निर्देश जारी करके मामला खत्म नहीं होगा, बल्कि यह देखा जाएगा कि जमीन पर उन निर्देशों पर कितना अमल हुआ।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया कि कैंपस में सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका संदेश स्पष्ट है कि छात्राओं को सुरक्षित माहौल देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त नहीं होगी।
7 अक्टूबर का यह निरीक्षण ऐसे समय में अहम है जब दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे बड़े शैक्षणिक परिसर में छात्रों की सुरक्षा, खासकर शाम और रात के समय सुरक्षित आवाजाही, लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए विभाग कितनी तेजी से काम करते हैं और अगले समीक्षा चरण में क्या स्थिति सामने आती है।
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