
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में आज जमकर हंगामा हुआ। स्पीकर विजेंदर गुप्ता ने 8 AAP विधायकों को मार्शल बुलाकर सदन से बाहर निकलवा दिया। ये सभी विधायक सब्सिडी वाले अनाज के वितरण में हुए कथित बड़े घोटाले पर तुरंत चर्चा की मांग कर रहे थे।
दिल्ली के मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने सरकार का बचाव करते हुए इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने विपक्ष के इस रवैये को "गलत" बताया।
विधानसभा में हुए हंगामे की आलोचना करते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि एक विधायक (कुलदीप कुमार) ने अधिकारियों और सदस्यों पर चावल फेंके। उन्होंने इस हरकत को पूरी तरह से गलत और अस्वीकार्य बताते हुए सदन का अपमान करार दिया।
आपको बता दें कि रविवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राजधानी में गरीबों के लिए आए सब्सिडी वाले चावल के वितरण में 22,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि असम की एक कॉर्पोरेशन और दिल्ली सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) से भारी सब्सिडी वाले चावल के लिए औपचारिक अनुरोध किया था।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के गरीबों में बांटने के लिए हर हफ्ते 31,000 मीट्रिक टन चावल की मांग की गई थी। भारद्वाज का आरोप है कि इस पूरी व्यवस्था के तहत सब्सिडी वाले अनाज को बड़े पैमाने पर इधर-उधर करने की योजना थी।
सौरभ भारद्वाज ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "22000 करोड़ रुपये के घोटाले की योजना को पढ़ें: असम की एक कॉर्पोरेशन और दिल्ली सरकार ने FCI से भारी सब्सिडी वाला चावल लेने के लिए एक औपचारिक अनुरोध भेजा। दिल्ली के गरीबों में बांटने के लिए हर हफ्ते 31,000 मीट्रिक टन चावल की भारी मात्रा की मांग की गई।"
उन्होंने आगे दावा किया कि इस कथित व्यवस्था से हर हफ्ते 143 करोड़ रुपये का घोटाला होता और यह तीन साल के लिए प्लान किया गया था, जिससे कुल 22,000 करोड़ रुपये का घोटाला होता। पोस्ट में आगे लिखा था, 'यह सब्सिडी वाला चावल एक भी गरीब व्यक्ति तक नहीं पहुंचा। सारा चावल हरियाणा की एक निजी कंपनी को भारी मुनाफे पर बेच दिया गया।'
इससे पहले गुरुवार को, भारद्वाज, संजीव झा और कुलदीप कुमार ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार से मुलाकात की थी। उन्होंने वोटर लिस्ट के चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि कई असली वोटरों के नाम गलत तरीके से लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।
मीटिंग के बाद भारद्वाज ने दावा किया, "दिल्ली में बड़ी संख्या में असली वोटरों, खासकर गांवों और जेजे क्लस्टर में रहने वालों को अभी तक गिनती के फॉर्म नहीं मिले हैं। साथ ही, कई असली वोटरों को गलत तरीके से 'शिफ्टेड' बताकर उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।"
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