
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्व बैंक (World Bank) और दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग द्वारा आयोजित 'स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली' (Delhi Clean Air Program) ओरिएंटेशन वर्कशॉप का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सरकार व्यापक और समयबद्ध रणनीति पर काम कर रही है। यह कार्यक्रम आने वाले सात वर्षों तक दिल्ली में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए कई बड़े कदमों को एक साथ लागू करेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया 'स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली' कार्यक्रम लगभग ₹8,300 करोड़ की लागत वाला सात वर्षीय मिशन है। इस परियोजना में 65 प्रतिशत वित्तीय सहयोग विश्व बैंक देगा, जबकि 35 प्रतिशत राशि दिल्ली सरकार उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से राजधानी में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा। साथ ही तकनीक आधारित निगरानी, प्रदूषण नियमों का सख्त पालन, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और तय समय सीमा में कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
Inaugurated the “Swachh Hawa, Swasth Delhi” (Delhi Clean Air Program) Orientation Workshop, organised by the World Bank and the Department of Environment.
Under the leadership of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi , the ₹8,300 crore, seven-year Swachh Hawa, Swasth Delhi… pic.twitter.com/VrBwOzpgPZ— CMO Delhi (@CMODelhi) July 10, 2026
दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ₹8,300 करोड़ का बड़ा प्लान: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया 'दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम' कार्यशाला का उद्घाटन
नई दिल्ली: राजधानी में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम आगे… pic.twitter.com/t8qEG3I28I— Asianetnews Hindi (@AsianetNewsHN) July 10, 2026
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदूषण कम करने के लिए कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है। सरकार की नई रणनीति में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना और हरित क्षेत्र का विस्तार शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए सभी विभागों को मिलकर इस अभियान को सफल बनाना होगा।
दिल्ली सरकार की योजना के तहत नई EV Policy को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले पारंपरिक वाहनों पर निर्भरता कम हो सके। सरकार पूरे शहर में 32,000 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम करेगी। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।
कार्यक्रम के तहत निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर प्रभावी नियंत्रण, खुले में कचरा जलाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों की लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार 70 लाख पौधारोपण अभियान चलाएगी, जिससे हरित क्षेत्र बढ़ेगा और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही यमुना नदी के पुनर्जीवन (Yamuna Rejuvenation) अभियान को भी तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि राजधानी के पर्यावरण को समग्र रूप से बेहतर बनाया जा सके।
इस कार्यक्रम में विश्व बैंक तकनीकी और वित्तीय दोनों स्तरों पर सहयोग करेगा। आधुनिक तकनीक की मदद से प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, रियल-टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग, डेटा आधारित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे नीति निर्माण और उसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी।
कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री पर्वेश साहिब सिंह, आशीष सूद और मंजींदर सिंह सिरसा भी उपस्थित रहे। वहीं विश्व बैंक के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और दिल्ली सरकार के साथ मिलकर स्वच्छ हवा के लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। खासकर सर्दियों के मौसम में AQI गंभीर श्रेणी तक पहुंच जाता है। ऐसे में आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हरित विकास, बेहतर निगरानी और विभिन्न विभागों के समन्वय पर आधारित यह कार्यक्रम राजधानी में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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