दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 'अर्पण' कपड़ा दान केंद्र की शुरुआत की। मेट्रो के 10 स्टेशनों पर केंद्र खुलेंगे, जिससे रीसाइक्लिंग, रोजगार और स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को पंजाबी बाग वेस्ट मेट्रो स्टेशन पर पुराने कपड़ों के दान केंद्र 'अर्पण' का उद्घाटन किया। राजधानी में बढ़ते वस्त्र अपशिष्ट (टेक्सटाइल वेस्ट) की चुनौती से निपटने और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक भागीदारी का एक नया मॉडल मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि बड़ी मात्रा में ऐसे कपड़े घरों में पड़े रहते हैं जो उपयोग योग्य होने के बावजूद बेकार समझकर फेंक दिए जाते हैं। 'अर्पण' अभियान ऐसे कपड़ों को जरूरतमंदों तक पहुंचाने और उनके पुनः उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगा।
क्या है 'अर्पण' योजना और कैसे करेगी काम?
'अर्पण' दान केंद्रों के माध्यम से नागरिक अपने पुराने लेकिन उपयोग योग्य कपड़े जमा कर सकेंगे। इसके बाद इन कपड़ों की छंटाई की जाएगी और उनकी स्थिति के अनुसार पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) या अपसाइक्लिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार कपड़ा उद्योग से निकलने वाला अपशिष्ट शहरी कचरे का एक बड़ा हिस्सा बनता जा रहा है। ऐसे में कपड़ों का पुनः उपयोग केवल कचरा कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक संसाधनों की बचत और पर्यावरणीय दबाव को कम करने में भी मदद करता है।
दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर खुलेंगे दान केंद्र
दिल्ली सरकार ने जानकारी दी है कि यह पहल केवल एक स्टेशन तक सीमित नहीं रहेगी। अभियान के अगले चरण में दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर 'अर्पण' दान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। मेट्रो स्टेशनों को इसलिए चुना गया है ताकि बड़ी संख्या में लोग आसानी से इस अभियान में भाग ले सकें। रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही वाले इन स्थानों पर दान केंद्र स्थापित होने से कपड़ों के संग्रहण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।
महिलाओं के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर
इस पहल का एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू भी है। कपड़ों के संग्रहण, छंटाई, मरम्मत, पुनः उपयोग और प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि यदि इस मॉडल को व्यापक स्तर पर लागू किया गया तो यह पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती देगा। स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक संगठनों की भागीदारी से इस अभियान का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
स्वच्छ, हरित और सतत दिल्ली के लक्ष्य की ओर कदम
दिल्ली सरकार इस पहल को स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत विकास के व्यापक एजेंडे से जोड़कर देख रही है। 'अर्पण' अभियान का उद्देश्य केवल कपड़े दान करवाना नहीं, बल्कि नागरिकों में जिम्मेदार उपभोग की आदत विकसित करना भी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में रखे उपयोग योग्य पुराने कपड़े दान करें और स्वच्छ, हरित एवं सतत दिल्ली के निर्माण में सहभागी बनें। सरकार को उम्मीद है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान राजधानी में सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


