दिल्ली लक्ष्मी योजना को पहले ही दिन 1.47 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन मिले। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे महिलाओं के भरोसे का प्रतीक बताया।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की नई 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' को राजधानी की महिलाओं का जबरदस्त समर्थन मिला है। योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होते ही पहले दिन 1.47 लाख से अधिक महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, पहले दिन कुल 1,47,215 से ज्यादा आवेदन दर्ज किए गए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रतिक्रिया को योजना के प्रति महिलाओं के भरोसे और विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में हुए पंजीकरण यह दर्शाते हैं कि महिलाओं को इस पहल से काफी उम्मीदें हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने योग्य महिलाओं से की आवेदन की अपील
मुख्यमंत्री ने पात्र महिलाओं से अपील की है कि वे योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण पूरा करें ताकि उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए रेखा गुप्ता ने लिखा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना ने अपनी शुरुआत एक असाधारण उपलब्धि के साथ की है। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक दिन में 1,47,215 से अधिक रजिस्ट्रेशन होना इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली की महिलाएं इस योजना पर भरोसा जता रही हैं। उन्होंने महिलाओं से योजना के पोर्टल पर लॉग इन कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करने और लाभ लेने का आग्रह भी किया।
महिला समृद्धि योजना का नया नाम है दिल्ली लक्ष्मी योजना
दिल्ली सरकार ने हाल ही में अपनी प्रमुख 'महिला समृद्धि योजना' का नाम बदलकर आधिकारिक रूप से 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' कर दिया है। इस फैसले की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि यह दिन दिल्ली की लाखों महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मविश्वास को समर्पित है। उनके अनुसार सरकार का वादा केवल एक घोषणा नहीं था, बल्कि महिलाओं के बेहतर भविष्य और सम्मान से जुड़ा एक संकल्प था, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।
महिलाओं के आत्मविश्वास और आर्थिक सहयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि महिलाओं के स्वाभिमान को और मजबूत करेगी। यह उनके आत्मविश्वास को नई ताकत देने के साथ-साथ रोजमर्रा की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाया जाए और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलें।
विद्या वाहिनी योजना के तहत 3,000 छात्राओं को मिली साइकिल
इसी बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ईस्ट विनोद नगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में 'विद्या वाहिनी योजना' के तहत 9वीं कक्षा की 3,000 से अधिक छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य छात्राओं के लिए स्कूल तक पहुंच आसान बनाना, उनकी उपस्थिति बढ़ाना और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाना है। यह अभियान के पहले चरण का हिस्सा है।
एक महीने में 1.40 लाख छात्राओं को साइकिल देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक महीने के भीतर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली करीब 1.40 लाख छात्राओं को चरणबद्ध तरीके से साइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि 9वीं कक्षा में पहुंचने वाली हर छात्रा को साइकिल देकर सरकार न केवल उसकी शिक्षा और सुरक्षा को मजबूत कर रही है, बल्कि स्कूल तक पहुंच को भी आसान बना रही है।
छात्राओं की पढ़ाई, सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने पर फोकस
रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्या वाहिनी योजना का लाभ 1.40 लाख से अधिक छात्राओं तक पहुंचे। उनके अनुसार साइकिल मिलने से छात्राओं की स्कूल में उपस्थिति बढ़ेगी, पढ़ाई और खेलकूद की गतिविधियों में भागीदारी आसान होगी तथा परिवारों पर पड़ने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पहल बेटियों के आत्मविश्वास को नई उड़ान देगी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी। सरकार हर कदम पर दिल्ली की बेटियों के साथ खड़ी है।


