
नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में राजधानी के ट्रैफिक मैनेजमेंट, नियमों के पालन और सड़कों पर व्यवस्था बेहतर करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर मॉनसून सीजन, कांवड़ यात्रा और आगामी स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए ट्रैफिक इंतजामों की समीक्षा की गई।
उपराज्यपाल कार्यालय के मुताबिक, अधिकारियों ने बैठक में इन तीनों मौकों के लिए की जा रही तैयारियों और ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी LG को दी। साथ ही नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई और जलभराव वाले इलाकों में सुधार की स्थिति भी बताई गई।
LG ने मॉनसून के दौरान दिल्ली में जलभराव की स्थिति में हुए सुधार पर संतोष जताया। अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी में पहले 169 ऐसे स्थान चिन्हित थे जहां जलभराव की समस्या सामने आती थी। अब इनकी संख्या घटकर 65 रह गई है। उपराज्यपाल ने कहा कि जलभराव वाले स्थानों में कमी का सीधा फायदा ट्रैफिक व्यवस्था को भी मिला है। पानी भरने के कारण सड़कों पर लगने वाले जाम और आवाजाही में आने वाली दिक्कतों में कमी आई है।
बैठक के दौरान LG ने 'प्रोजेक्ट संगम' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस पहल में नागरिकों की भागीदारी से दिल्ली के ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने में मदद मिली है। उन्होंने माना कि सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह सुधारना संभव नहीं है। सड़कों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए आम लोगों का सहयोग और उनकी सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज की गई है। उपराज्यपाल कार्यालय के अनुसार, गलत दिशा में वाहन चलाने यानी रॉन्ग-साइड ड्राइविंग के मामलों में कार्रवाई में 113 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि रॉन्ग-साइड ड्राइविंग के मामलों में अब तक 2,321 FIR दर्ज की गई हैं। इसके अलावा अवैध पार्किंग के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि सड़कों पर वाहनों की वजह से होने वाली परेशानी को कम किया जा सके।
LG तरनजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि ट्रैफिक जाम, नियमों के उल्लंघन और अतिक्रमण जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सड़कों पर पुलिस की सक्रिय मौजूदगी जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता के सहयोग को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि राजधानी में हर नागरिक को सुरक्षित, व्यवस्थित और बिना परेशानी यात्रा करने का अधिकार है। ट्रैफिक मैनेजमेंट को प्रभावी बनाने में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मॉनसून के साथ-साथ कांवड़ यात्रा और 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन मौकों पर राजधानी की सड़कों पर वाहनों और लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है, ऐसे में पुलिस को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
LG ने साफ किया कि खतरनाक तरीके से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और तेज की जाएगी। उनका कहना है कि सुरक्षित और अनुशासित ट्रैफिक का सीधा असर आम लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर पड़ता है।
उपराज्यपाल ने दोहराया कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस की सक्रिय मौजूदगी के साथ जनता की भागीदारी भी जरूरी है। जाम, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि दिल्ली में ट्रैफिक मैनेजमेंट को प्रभावी बनाने में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए। खासकर खतरनाक तरीके से नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने पर जोर दिया गया।
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