
नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने बुधवार को एक अहम बैठक की। उन्होंने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के वाइस-चेयरमैन और DDA व NBCC के सीनियर अधिकारियों के साथ ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) और प्रमुख शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस का जायजा लिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में संधू ने इस बैठक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनका पूरा फोकस प्रोजेक्ट्स के तेजी से काम करने, आपसी तालमेल बेहतर करने और तय समय सीमा के अंदर निर्माण पूरा करने पर है।
Reviewed the progress of Transit-Oriented Development (TOD) and key urban infrastructure projects with VC, DDA and senior officials of DDA & NBCC today.
Focus: faster execution, good coordination and strict adherence to construction milestones.
Delhi needs integrated, sustainable infrastructure that improves connectivity and quality of life. Reiterated the importance of delivering people-centric projects within defined timelines to build a future-ready #ViksitDilli.
— LG Delhi (@LtGovDelhi) October 14, 2026
राजधानी में एक मजबूत और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पर जोर देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट्स से कनेक्टिविटी और लोगों के रहन-सहन का स्तर सुधरना चाहिए। उन्होंने लिखा, “दिल्ली को ऐसे इंटीग्रेटेड और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है, जो कनेक्टिविटी और क्वालिटी ऑफ लाइफ को बेहतर बनाए।” उन्होंने दिल्ली को भविष्य के लिए तैयार करने की बात कही। इसके लिए उन्होंने जनता से जुड़े प्रोजेक्ट्स को तय समय के अंदर पूरा करने की अहमियत दोहराई। संधू ने कहा, "भविष्य के लिए तैयार दिल्ली बनाने के लिए, जनता से जुड़े प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा करना बहुत जरूरी है।"
इससे पहले, तरणजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में DDA ने एक बड़ा कदम उठाया था। DDA ने दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टर्स के इन-सीटू रिहैबिलिटेशन (ISR) यानी उसी जगह पर पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के विजन पर आधारित है। मास्टर प्लान 2047 (MPD 2047) का लक्ष्य दिल्ली के 650 से ज्यादा JJ क्लस्टर्स में रहने वाले करीब 17 लाख लोगों को सम्मानजनक आवास देना है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए DDA ने एक रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है। इसके तहत तीन ट्रांजैक्शन एडवाइजर्स (TAs) की नियुक्ति की जाएगी। ये एडवाइजर्स दिल्ली के 45 JJ क्लस्टर्स को कवर करने वाले 15 प्रोजेक्ट्स के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेंगे। रिलीज के अनुसार, यह RFP आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) या नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन (NLMC) के साथ लिस्टेड कंपनियों से मंगाया गया है। ये ट्रांजैक्शन एडवाइजर्स इन प्रोजेक्ट्स का बारीकी से असेसमेंट करेंगे। वे देखेंगे कि पुनर्वास की क्या जरूरतें हैं, विकास की कितनी गुंजाइश है, इंफ्रास्ट्रक्चर की क्या डिमांड है और प्रोजेक्ट का फाइनेंशियल मॉडल कैसा होना चाहिए।
इन 15 प्रोजेक्ट्स में 45 JJ क्लस्टर्स शामिल हैं। ये क्लस्टर्स 135.74 एकड़ जमीन पर फैले हैं और इनमें करीब 21,229 परिवार रहते हैं। इस प्रस्तावित ISR पहल से एक लाख से ज्यादा लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें बेहतर घर, नागरिक सुविधाएं और अच्छा माहौल मिलेगा। साथ ही, शहर की कीमती जमीन का भी सही और प्लान्ड तरीके से इस्तेमाल हो सकेगा।
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