
दिल्ली के प्रमुख थोक बाजारों में शामिल सदर बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास सदर बाजार को शिफ्ट करने का न तो कोई प्रस्ताव है और न ही इस दिशा में किसी तरह की योजना पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ समय से बाजार को दूसरी जगह ले जाने से जुड़ी कई तरह की खबरें सामने आ रही थीं। इन चर्चाओं के कारण व्यापारियों के बीच भ्रम और भविष्य को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और फिलहाल इस तरह की कोई प्रक्रिया भी नहीं चल रही है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदर बाजार से जुड़े हजारों व्यापारियों और कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हाल के दिनों में बाजार के स्थानांतरण की अटकलों ने व्यापारी वर्ग की चिंताओं को बढ़ा दिया था। कई व्यापारी अपने कारोबार और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में थे।
सदर बाजार देश के सबसे बड़े और व्यस्त थोक बाजारों में गिना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों व्यापारी और खरीदार पहुंचते हैं तथा यहां से देश के अलग-अलग राज्यों में बड़े पैमाने पर सामान की आपूर्ति की जाती है। ऐसे महत्वपूर्ण बाजार को शिफ्ट किए जाने की खबरों ने व्यापारिक समुदाय में कई तरह की आशंकाएं पैदा कर दी थीं।
सदर बाजार व्यापार संगठन के वरिष्ठ व्यापारी परमजीत सिंह पम्मा ने बताया कि बाजार के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। इस बैठक में व्यापारियों ने बाजार को शिफ्ट किए जाने की चर्चाओं से पैदा हुए भ्रम और चिंता से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पिछले कुछ समय से बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की खबरें तेजी से फैल रही हैं। इसके चलते हजारों व्यापारी अपने कारोबार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। व्यापारियों की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार के स्तर पर सदर बाजार को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव या योजना मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सदर बाजार को हटाना नहीं, बल्कि उसकी ऐतिहासिक पहचान और विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं के साथ उसका विकास करना है।
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (FESTA) के अध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में केवल शिफ्टिंग की अफवाहों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि बाजार की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को भी विस्तार से रखा गया।
व्यापारियों ने जलभराव, ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण, बिजली व्यवस्था और पुराने बुनियादी ढांचे जैसी समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर इनके समाधान के लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जाएगी।
दिल्ली की राजनीति, मेट्रो-ट्रैफिक अपडेट्स, प्रदूषण स्तर, प्रशासनिक फैसले और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी हर ज़रूरी जानकारी पाएं। राजधानी की रियल-टाइम रिपोर्टिंग के लिए Delhi News in Hindi सेक्शन देखें — सटीक और तेज़ समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।