
दिल्ली के करीब 2 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को सिर्फ सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाला कदम नहीं, बल्कि परिवारों के घरेलू बजट को राहत देने वाला प्रयास बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली का बिल कम होने का सीधा असर परिवार की बचत पर पड़ता है। जो पैसा बिजली के खर्च में जाता था, वह बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों, रोजमर्रा की जरूरतों या परिवार की दूसरी प्राथमिकताओं में इस्तेमाल हो सकता है। यानी छत पर सोलर पैनल लगने से फायदा सिर्फ बिजली के क्षेत्र में नहीं, बल्कि घरेलू अर्थव्यवस्था में भी दिखाई देगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर परिवारों को अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा खुद पूरा करने में सक्षम बनाना है। केंद्र सरकार ने फरवरी 2024 में इस योजना की शुरुआत की थी और देशभर में एक करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का कुल वित्तीय परिव्यय 75,021 करोड़ रुपये है।
सोलर पैनल से घर में बनने वाली बिजली का इस्तेमाल घरेलू जरूरतों के लिए किया जा सकता है। इससे ग्रिड से खरीदी जाने वाली बिजली की मात्रा कम हो सकती है और लंबे समय में बिजली के बिल में बचत हो सकती है। योजना का मकसद इसी बचत को परिवारों की आर्थिक राहत से जोड़ना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अपने संदेश में इसी पहलू पर जोर दिया है। उनका कहना है कि कम बिजली बिल का मतलब परिवार के पास बचने वाला अतिरिक्त पैसा है, जिसे वह बच्चों की फीस, दवाइयों, रोजमर्रा के खर्च या अपनी दूसरी जरूरतों पर लगा सकता है।
PM Surya Ghar योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। मौजूदा आधिकारिक जानकारी के अनुसार पहले 2 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए 30,000 रुपये प्रति किलोवाट और अतिरिक्त क्षमता पर 18,000 रुपये प्रति किलोवाट की केंद्रीय सब्सिडी का प्रावधान है। 3 किलोवाट या उससे अधिक के सिस्टम के लिए अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी 78,000 रुपये तक सीमित है।
दिल्ली के आधिकारिक सोलर पोर्टल पर भी इसी सब्सिडी व्यवस्था की जानकारी दी गई है। पोर्टल के अनुसार 0 से 150 यूनिट तक औसत मासिक खपत वाले घरों के लिए 1-2 किलोवाट, 150 से 300 यूनिट खपत के लिए 2-3 किलोवाट और 300 यूनिट से अधिक खपत के लिए 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम उपयुक्त हो सकता है।
यह योजना केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। अगस्त 2026 में केंद्र सरकार ने बताया था कि PM Surya Ghar योजना के तहत देश में 50 लाख से अधिक परिवार रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन से लाभान्वित हो चुके हैं। उस समय करीब 19 लाख परिवारों को शून्य बिजली बिल मिलने की जानकारी भी दी गई थी और देश में 14.8 GW रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित हो चुकी थी। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक एक करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर सिस्टम पहुंचाना है। इस योजना के तहत पात्र परिवार राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और रूफटॉप सोलर लगाने के लिए उपयुक्त विक्रेता का चयन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को परिवारों के जीवन से जोड़ते हुए कहा कि बिजली का बिल कम होना सिर्फ एक बिल कम होने की बात नहीं है। उस बचत का इस्तेमाल परिवार अपनी दूसरी जरूरतों के लिए कर सकता है। स्कूल की फीस, दवाइयां, घर का रोजमर्रा का खर्च या फिर कोई छोटा-बड़ा सपना—बिजली के खर्च में बचने वाली रकम इन जरूरतों में काम आ सकती है। इसी वजह से सरकार इस योजना को स्वच्छ ऊर्जा के साथ आर्थिक बचत से जोड़कर देख रही है।
PM Surya Ghar योजना के पीछे दो बड़े लक्ष्य हैं—रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देना और परिवारों के बिजली खर्च को कम करना। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिल सकती है। दिल्ली में करीब 2 लाख परिवारों को इस योजना से जोड़ने की पहल इसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अगर बड़ी संख्या में घर रूफटॉप सोलर अपनाते हैं, तो इसका असर परिवारों के बिजली खर्च के साथ-साथ शहर में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल पर भी पड़ सकता है।
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