दिल्ली में PM Surya Ghar योजना का रजिस्ट्रेशन पोर्टल 21 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे खुलेगा। पात्र परिवार रूफटॉप सोलर पर सरकारी सहायता का लाभ ले सकेंगे।
दिल्ली में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब PM Surya Ghar–Muft Bijli Yojana के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को बताया कि दिल्ली के लोगों के लिए योजना का रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू किया जाएगा। दिल्ली सोलर पोर्टल के अनुसार, सोलर आवेदन की सुविधा 21 सितंबर 2026 को दोपहर 2:30 बजे से उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि नए पोर्टल के जरिए दिल्लीवासी योजना से जुड़ने और केंद्र व दिल्ली सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए आसानी से आवेदन कर सकेंगे। उन्होंने लोगों से सौर ऊर्जा अपनाने और बिजली के बिल में बचत करने की अपील भी की।
PM Surya Ghar Yojana: दिल्ली में क्या बदला?
सरकार का जोर सिर्फ सब्सिडी देने पर नहीं, बल्कि आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी है। दिल्ली के आधिकारिक सोलर पोर्टल पर रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन, सब्सिडी की जानकारी, कैपिटल सब्सिडी की स्थिति, कैलकुलेटर और अधिकृत वेंडरों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
केंद्र की PM Surya Ghar–Muft Bijli Yojana के तहत आवासीय उपभोक्ताओं को पहले 2 किलोवाट तक ₹30,000 प्रति किलोवाट और अतिरिक्त 1 किलोवाट के लिए ₹18,000 की केंद्रीय सहायता मिलती है। इस तरह 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले पात्र सिस्टम के लिए केंद्रीय सब्सिडी अधिकतम ₹78,000 तक है।
दिल्ली की मौजूदा सोलर नीति में आवासीय उपभोक्ताओं के लिए राज्य कैपिटल सब्सिडी भी है। आधिकारिक दिल्ली सोलर पोर्टल के अनुसार यह ₹10,000 प्रति किलोवाट, अधिकतम ₹30,000 तक है।
₹1.56 लाख की सहायता को लेकर क्या है पूरा मामला?
मुख्यमंत्री के मौजूदा ऐलान में केंद्र और दिल्ली सरकार की सहायता को मिलाकर ₹1.56 लाख तक के समर्थन की बात कही गई है। सितंबर की शुरुआत में सामने आई दिल्ली की संशोधित सोलर नीति के बारे में रिपोर्टों में भी 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम शून्य शुरुआती लागत पर देने और कुल सहायता ₹1.56 लाख तक होने की जानकारी दी गई थी।
हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए यह अंतर समझना जरूरी है कि ₹1.56 लाख को सामान्य स्थिति में एकमुश्त कैश सब्सिडी के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। आधिकारिक पोर्टल पर केंद्रीय सब्सिडी और दिल्ली की राज्य कैपिटल सब्सिडी अलग-अलग मदों में दर्ज हैं। इसके अलावा दिल्ली की नीति में बिजली उत्पादन के आधार पर इंसेंटिव का भी प्रावधान है।
400 यूनिट तक बिजली खपत वाले परिवारों पर फोकस
दिल्ली की संशोधित सोलर नीति का एक प्रमुख हिस्सा ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर से जोड़ना है जिनकी मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है। रिपोर्टों के मुताबिक पात्र परिवारों को 3 किलोवाट तक का सिस्टम जीरो अपफ्रंट कॉस्ट पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत करीब 2.3 लाख परिवारों को कवर करने और मार्च 2027 तक 500 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने की योजना बताई गई है। इस व्यवस्था में नेट मीटरिंग का लाभ भी शामिल है। यानी सोलर सिस्टम से पैदा होने वाली बिजली और ग्रिड से ली गई बिजली की गणना के आधार पर उपभोक्ता के बिल को समायोजित किया जा सकता है।
बिजली बिल में बचत के साथ मिलेगा Generation-Based Incentive
दिल्ली की सोलर नीति में सिर्फ शुरुआती सब्सिडी ही नहीं, बल्कि Generation-Based Incentive (GBI) का भी प्रावधान है। आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक 3 किलोवाट तक के आवासीय सोलर सिस्टम के लिए ₹3 प्रति यूनिट की दर से GBI का प्रावधान है। 3 किलोवाट से अधिक और 10 किलोवाट तक की क्षमता के लिए यह दर ₹2 प्रति यूनिट है।
दिल्ली सरकार की नीति का उद्देश्य राजधानी में रूफटॉप सोलर की क्षमता बढ़ाना है। सरकारी पोर्टल के मुताबिक दिल्ली ने राज्य में 750 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता और राज्य के बाहर से 3,750 मेगावाट यूटिलिटी-स्केल सोलर क्षमता तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा है।
आवेदन कैसे होगा?
दिल्ली सरकार के अनुसार PM Surya Ghar योजना के तहत केंद्रीय वित्तीय सहायता लेने वाले आवासीय उपभोक्ताओं को नेशनल रूफटॉप सोलर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होता है। इसके बाद रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन, डिस्कॉम की तकनीकी व्यवहार्यता जांच और आगे की प्रक्रिया पूरी होती है।
योजना के तहत केंद्रीय सब्सिडी का लाभ लेने के लिए PM Surya Ghar पोर्टल से जुड़े empanelled vendor का चयन करना जरूरी है। दिल्ली सोलर पोर्टल पर दिल्ली के अलग-अलग डिस्कॉम के लिए अधिकृत वेंडरों की जानकारी उपलब्ध है।
ऐसे में दिल्ली के जिन परिवारों की छत पर सोलर लगाने की योजना है, उनके लिए आज से शुरू होने वाली आवेदन सुविधा अहम है। आवेदन करने से पहले बिजली की औसत खपत, उपलब्ध छत की जगह और सोलर सिस्टम की उपयुक्त क्षमता की जांच करना भी जरूरी होगा। दिल्ली सरकार के पोर्टल पर इसके लिए Solar Rooftop Calculator भी उपलब्ध है।


